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सीएमओ तक पहुंचा पुलिस की अवैध वसूली का मामला, अब गिरेगी गाज

अवैध तरीके से बजरी से भरे ट्रकों को पार करवाने के लिए खाकी की अवैध वसूली का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) तक पहुंच गया है।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 29 Mar 2020, 4:18 PM IST

kota police

कोटा. शहर के बीच से अवैध तरीके से बजरी से भरे ट्रकों को पार करवाने के लिए खाकी की अवैध वसूली का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) तक पहुंच गया है। सीएमओ ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक से इसकी तत्थ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। इससे पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया है। अब अवैध वसूली करने वाले पुलिस कर्मियों पर गाज गिरना तय है।


विधायक संदीप शर्मा ने सीएमओ के प्रमुख शासन सचिव तन्मय कुमार को बजरी के ट्रकों को कोटा शहर में पार करवाने के लिए पुलिस किस तरह अवैध वसूली कर रही है, इस बारे में पूरी रिपोर्ट दी है। उन्होंने राजस्थान पत्रिका के स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र किया है। पत्रिका में पुलिस कर्मियों के बजरी के ट्रकों से राशि लेने के फोटो भी प्रकाशित हुए हैं। इसके बाद भी दोषी पुलिस कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे जनता में गलत संदेश जा रहा है। सीएमओ ने पुलिस महानिरीक्षक विशाल बसंल से रिपोर्ट मांगी है। विधायक को भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


रात के अंधेरे में की वसूली, पहचाने गए
पत्रिका के स्टिंग ऑपेरशन के बाद पुलिस अधीक्षक ने एएएसपी (सिटी) समीर कुमार दुबे को जांच सौंपी थी। उन्होंने संबंधित थानों से किस-किस पुलिसकर्मी की कहां-कहां ड्यूटी लगी हुई थी, इसकी रिपोर्ट ली। इस आधार पर पुलिस कर्मियों की पहचान कर ली गई है। चिह्नित किए गए पुलिस कर्मियों से पूछताछ भी गई है।


निलंबित करेंगे
पुलिस अधीक्षक शहर अंशुमान भौमिया ने बताया कि बजरी संबंधित मामले में जिन पुलिसकर्मियों के अखबार में फोटो प्रकाशित किए गए थे। उन सभी की जांच कर पहचान कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट पुलिस महानिरीक्षक को सौंपी जाएगी। इसके बाद दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया जाएगा।

पत्रिका ने ऐसे किया खुलासा
गौरतलब है कि बजरी के ट्रकों से अवैध वसूली मामले में पत्रिका संवाददाता ने ट्रक में बैठकर पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रकों से दो-दो हजार रुपए अवैध वसूली के मामले को उजागर किया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। विभाग ने पुलिसकर्मियों को रिकॉर्ड मांगा।