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नगर निगम में बह रही भ्रष्टाचार का गंगा, पहले jaipur में रि‍श्‍वत लेते पकडा जा चुका kota का मुख्‍य अग्‍नि‍शमन अधि‍कारी

नगर निगम में फायर की एनओसी देने में अरसे से खेल चल रहा है। आलम यह है कि 'वजन' रखने पर ही फाइल आगे बढ़ती है।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 5 May 2018, 6:33 PM IST

corruption

कोटा . नगर निगम में फायर की एनओसी देने में अरसे से खेल चल रहा है। आलम यह है कि 'वजन' रखने पर ही फाइल आगे बढ़ती है। अग्निशमन अनुभाग में भ्रष्टाचार को लेकर खुद अग्निशमन समिति के अध्यक्ष दुखी थे। बोर्ड की बैठकों में भी फायर की एनओसी देने को लेकर कई बार गंभीर आरोप लगाए गए, लेकिन अधिकारियों ने पर्दा डाल दिया।

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करीब डेढ़ साल पहले कार्य समिति की बैठक में तत्कालीन आयुक्त शिव प्रसाद एम. नकाते और महापौर की मौजूदगी में अग्निशमन समिति के अध्यक्ष अतुल कौशल ने तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी दिनेश वर्मा पर एक अस्पताल की एनओसी जारी करने के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत लेने का सीधा आरोप लगाया था। तत्कालीन आयुक्त ने बैठक में ही जांच की घोषणा की, लेकिन बाद में जांच ठण्डे बस्ते में डाल दी गई। बाद में सीएफओ जयपुर में एक लाख रुपए की रिश्वत देते धरे गए।

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बदली थी व्यवस्था
शिकायतें मिलने के बाद तत्कालीन आयुक्त नकाते ने उपायुक्त के माध्यम से ही फायर की एनओसी जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन उनके तबादले के बाद फिर अग्निशमन अधिकारी अपने स्तर पर ही एनओसी जारी करने लगे।


एपीओ पर ड्रामा हुआ
मल्टीस्टोरी प्रकरण में सहा. अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास को एपीओ करने के बाद अग्निशमन कर्मचारियों ने निगम में दमकलें ले जाकर प्रदर्शन कर हंगामा किया था। गत वर्षों में अग्निशमन अनुभाग की कार्य शैली को लेकर कई बार सवाल उठे, लेकिन दबा दिए गए।

उठी थी जांच की मांग भी
मल्टीस्टोरी का गेट तोडऩे के विवाद में सहायक अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के एपीओ होने के बाद भी पिछले एक साल में जारी हुई फायर एनओसी की जांच की मांग उठी थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही सोशल मीडिया पर कुछ अस्पतालों का नाम लेकर जांच की मांग उठाई थी। कोटा उत्तर के एक पार्षद ने उनके परिचित से फायर की एनओसी जारी करने की एवज में 25 हजार रुपए वसूलने की शिकायत उच्चाधिकारियों को की थी।

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एसीबी ने दायरा बढ़ाया
खान के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद एसीबी ने फायर की एनओसी देने के मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि स्कूल की एनओसी की पत्रावली निगम ने जब्त कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि बिना निर्माण स्वीकृति की मल्टीस्टोरी, अस्पतालों व व्यावसायिक परिसरों में फायर की एनओसी जारी कर दी गई है। इसकी भी जांच की जा रही है।

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मुख्यालय रिपोर्ट भेजी
उपायुक्त राकेश डागा ने बताया कि सहायक अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने स्कूल की एनओसी की फाइल एसीबी के मांगने की जानकारी दी थी। वह फाइल एसीबी को उपलब्ध करा दी गई है। अमजद खान के मामले की रिपोर्ट स्थानीय निकाय विभाग के कार्मिक अनुभाग को भेज दी गई है।