कोटा. अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध करवाने के टेण्डर के बकाया बिलों को पास करने की एवज में 1.70 लाख रुपए रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा ने शनिवार को जेकेलोन अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. एच.एल. मीणा के विरुद्ध चालान पेश कर दिया। एसीबी टीम ने आरोपी को परिवादी से 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अतिरिक्त चार्ज, स्पेशल यूनिट) विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी दीपक तिवारी ने 20 जून 2022 को दी शिकायत में बताया था कि उसकी फर्म स्विफ्ट सिक्योरिटीज प्राइवेट लि. का जेकेलोन अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध करवाने का टेण्डर चल रहा था। इसका तीन माह का बिल लगभग 30 लाख रुपए बकाया है। बकाया बिलों को पास करने की एवज में जेकेलोन अस्पताल अधीक्षक डॉ. एच.एल. मीणा 40 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहा है। वह रिश्वत नहीं देना चाहता। इस शिकायत पर उसी दिन रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया। इसमें आरोपी डॉ. एच.एल. मीणा द्वारा परिवादी से उसके बिलों को पास करने की एवज में एक लाख 70 हजार रुपए की मांग की गई। परिवादी के निवेदन करने पर एक लाख रुपए दो-चार दिन में व 70 हजार रुपए बाद में देने पर सहमति बनी। परिवादी के पास 12 अगस्त 2022 को 50 हजार रुपए की व्यवस्था हुई। इसी दिन एसीबी टीम ने ट्रेप की कार्यवाही कर परिवादी से 50 हजार रुपए रिश्वत राशि लेते डॉ. एच.एल. मीणा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद मामला दर्ज हुआ। अनुसंधान एसीबी स्पेशल यूनिट के पुलिस उप अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने किया था। आरोपी डॉ. मीणा के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति शासन सचिवालय जयपुर से ली गई। इस मामले में एसीबी कोटा ने शनिवार को एसीबी कोर्ट में चालान पेश कर दिया।