
सीकर के बाद कोटा में दुल्हन का अपहरण: पुलिस के पुलिस के रवैये से दुखी पिता की सदमे से मौत, सड़कों पर उतरे लोग
कोटा. पग फेरे की रस्म अदा करने पिता के घर आ रही दुल्हन का हिस्ट्रीशीटर द्वारा अपहरण ( Bride Kidnap ) करने के मामले में पुलिस ( police ) द्वारा सहयोग नहीं करने से दुखी दुल्हन के पिता की शुक्रवार देर रात सदमे से मौत हो गई। ( bride father Death from shock ) शनिवार सुबह एमबीएस अस्पताल ( MBS Hospital ) की मोचर्र के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। दुल्हन के पिता की मौत की सूचना से पुलिस व प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
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जहां पुलिस ( kota police ) के रवैये से नाराज परिजनों ने चेतावनी देते हुए ऐलान किया कि जब तक बेटी नहीं मिलेगी तब तक पिता का शव नहीं उठाया जाएगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। दुल्हन के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी के परिजन उन्हें धमका रहे हैं। पिता नंदलाल की सदमे के चलते हार्टअटैक से मौत होने की बात सामने आ रही है। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में अस्पताल मोर्चरी के बाहर पहुंच गए और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह का कहना है कि फिलहाल अपहर्ता का सुराग नहीं लगा है। आरोपी की तलाश की जा रही है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
आखिरकार हिम्मत हार गया पिता
नव विवाहिता दुल्हन अपहरण कांड में पीडि़त पिता को इतना सदमा लगा कि देर रात उसकी सदमे से मौत हो गई। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने मोर्चरी के बाहर जमकर हंगामा किया ओर आरोपी की गिरफ्तारी और युवती को बरामद करने की मांग पर शव उठाने से इनकार कर दिया।
अपह्रत युवती के पिता को इस मामले से गहरा सदमा लगा था। अपहरण की घटना के बाद से वे बेहद तनाव में थे और किशोरपुरा थाने के उन्होंने कई चक्कर लगाए लेकिन घटना के 4 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के पास कार्यवाही के नाम पर सिर्फ आश्वासन था ओर ऐसे में एक पिता की हिम्मत टूट गई ओर अपनी बेटी को खोने के गम में जिंदगी को अलविदा कह दिया। परिवार में पहले ही अपनी नवविवाहिता बेटी के अपहरण का सदमा था वहीं अब हिम्मत हार चुके एक लाचार पिता की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से बदहाल हो चुका है।
गौरतलब है कि पांच दिन पहले किशोरपुरा इलाके से उसके पीहर के पड़ोसी युवक ने पिस्तौल दिखा कर दुल्हन का कार में अपहरण कर लिया। दुल्हन के साथ उसकी सहेली व भाई भी था, जिन्हें अपहर्ता युवक कुन्हाड़ी क्षेत्र में छोड़ गया। घबराए दोनों जब परिजनों के साथ कुन्हाड़ी थाने पहुंचे तो पुलिस ने सुनवाई करने के बजाए उन्हें किशोरपुरा थाने भेज दिया। तीन दिन तक पुलिस मामले को दबा कर बैठी रही। दुल्हन के पिता शुक्रवार को अपनी पीड़ा लेकर शहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बेटी को तलाश कर आरोपी को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई और देर रात उनकी सदमे से मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार 25 जून को दुल्हन के पिता ने किशोरपुरा थाने में दर्ज करवाई एफआईआर में बताया था कि उसकी बेटी शोभा (20) ने 21 जून को गोलू सिंह से प्रेम विवाह किया। प्रेम विवाह में दोनों परिवारों की सहमति थी। विवाह पूरे रीति-रिवाज से हुआ। शोभा और गोलू ने 25 जून को न्यायालय में प्रेम विवाह के कागजों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद गोलू अपने ऑफिस चला गया।
इस दौरान शोभा उसकी सहेली निधि और उसके भाई कृष्णा के साथ घर के लिए निकली। दोपहर करीब 2 बजे वल्लभनगर में उनका पड़ोसी मोनू कार से आया और शोभा की गाड़ी के सामने कार लगा दी। मोनू पिस्टल दिखाकर तीनों को जबरन कार में बैठाकर ले गया। निधि और उसके भाई कृष्णा को कुन्हाड़ी स्थित लैंडमार्क सिटी में उतार दिया। इसकी सूचना जब शोभा के परिजनों को लगी तो परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन कुन्हाड़ी थाने पहुंचे, जहां से पुलिस ने उन्हें घटनास्थल किशोरपुरा का होने से वहां भेज दिया। जहां पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की। दुल्हन अपने विवाह से पहले भी 5 मार्च को घर से लापता हो गई थी। वह 11 मार्च को वापस आ गई थी। माता पिता ने पुलिस को बताया कि इसके बाद ही उसका प्रेम विवाह किया गया था।
Published on:
29 Jun 2019 01:25 pm
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