
चेचट. कोटा जिले के ढाकिया गांव में सालेड़ा कलां मार्ग पर शनिवार रात धारदार हथियारों से एक युवक की हत्या ( Murder ) कर दी गई। रविवार सुबह खून से लथपथ शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक शनिवार शाम को सालेड़ा कलां जाने के लिए घर से निकला था। रात 11 बजे करीब उसे सालेड़ा में गंडासी के साथ घूमते भी देखा बताया। मामले में मृतक के पिता ने चार भाइयों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दी है। पुलिस ( Police ) सभी पहलुओं से जांच में जुटी है।
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थानाधिकारी अब्दुल हकीम शेख ने बताया कि रविवार सुबह मृतक के परिजनों की सूचना पर पुलिस ढाकिया गांव में सालेड़ा मार्ग पर पहुंची थी। वहां ढाकिया निवासी पृथ्वीराज मीणा (22) का खून से सना शव पड़ा था। मौके पर मृतक के पिता मांगीलाल ने पूर्व सरपंच राधेश्याम मीणा, शिवराज, धनराज व जुगराज मीणा के खिलाफ रिपोर्ट दी कि पुरानी रंजिश को लेकर चारों भाइयों ने यह हत्या की है।
थानाधिकारी अब्दुल हकीम शेख व मोड़क थानाधिकारी भारत सिंह ने घटना स्थल मौका मुआयना किया। शव को चेचट चिकित्सालय ले आए। जानकारी मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन व सांगोद पुलिस उपाधीक्षक रामेश्वर परिहार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण कर मृतक के परिजनों से पूछताछ की। तीन चिकित्सकों के बोर्ड से सुबह 11 बजे शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। मेडिकल बोर्ड में रामगंजमण्डी चिकित्सा प्रभारी डॉ गोविन्द यादव, मोड़क पीएचसी प्रभारी डॉ गिरिराज अग्रवाल व चेचट सीएचसी प्रभारी डॉ मोहित गौतम शामिल थे।
12 घंटे पहले मौत, संघर्ष भी किया
पोस्टमार्टम टीम के चिकित्सकों ने बताया कि मृतक के सिर व हाथ के पंजे पर धारदार हथियार ( Attack with sharp weapons ) के घाव हैं। संभवत: हत्या पोस्टमार्टम के 12 घंटे पहले की गई है। शव देखने से लगता है कि मृतक ने हत्यारों से संघर्ष भी किया, उसे घसीटा गया। मृतक का विसरा जांच के लिए जयपुर भेजा गया है।
15 साल से चली आ रही रंजिश
मृतक के पिता मांगीलाल व भाई रमेश मीणा ने बताया कि करीब 15 साल पहले राधेश्याम के भाई तत्कालीन सरपंच गिरिराज मीणा की हत्या हुई थी। आरोपी पक्ष के साथ उनके परिवार के खेतीबाड़ी के संबंध हैं। तभी से रंजिश चली आ रही है। इस बीच गिरराज के पक्ष के ही मोहनलाल मीणा की भी हत्या हो गई जिसमें मृतक के परिवार में छह भाई व पिता आरोपी है और जेल से रिहा होकर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रंजिश के चलते ही राधेश्याम मीणा व उसके भाई शिवराज, धनराज व जुगराज ने पृथ्वीराज की हत्या की है। ये लोग तीन-चार दिन से पीछे लगे हुए थे। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच में जुटी है।