
कोटा दशहरा मेले का आगाज: देश का पहला पॉलीथिन मुक्त राष्ट्रिय मेला होगा कोटा दशहरा
कोटा . 126वें राष्ट्रीय दशहरा मेले ( kota Dasara Mela 2019 ) का रविवार को दशहरा मैदान ( Dussehra ground ) के श्रीराम रंगमंच पर ध्वजारोहण और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ( Cultural programs ) के साथ विधिवत आगाज हुआ। इससे पूर्व सुबह आशापाला मंदिर में माता का पूजन किया गया। 24 अक्टूबर तक चलने वाले मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। 8 अक्टूबर को रावण दहन होगा। ( Ravana-Dahan )
कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने परम्परा के अनुसार सूर्यास्त से पूर्व ध्वजारोहण कर मेले के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की। ( kota Dasara Mela Start ) शर्मा ने कहा कि यह शहर के लिए गौरव की बात है कि रियासतकाल में शुरू हुए इस मेले ने सवा सौ साल पूरे कर लिए हैं। मेले में प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रहती है। देश-दुनिया में कोटा, मैसूर और कुल्लू का दशहरा प्रसिद्ध है।
रामगंजमंडी विधायक मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान पत्रिका और नगर निगम की ओर से पर्यावरण और मानव जीवन की दुश्मन बनी पॉलीथिन का मेले में इस्तेमाल नहीं करने के लिए जो अभियान चलाया गया है, वह सराहनीय है। ( Polythene Ban in kota Dasara Mela ) लोगों को मेले में ही नहीं, घरों में भी पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प लेना चाहिए। ( Kota Nagar Nigam ) महापौर महेश विजय ने मेले के भव्य आयोजन की जानकारी देते हुए कहा कि पॉलीथिन मुक्त मेला आयोजित किया जाएगा। ( Polythene free Dasara Mela ) इसके लिए शहर के हर नागरिक का सहयेाग अपेक्षित है। प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका ने कहा कि दशहरा मेला कोटा की शान है।
विदेशी पर्यटक भी मेला देखने आते हैं। मेला भव्य और गरिमापूर्ण आयोजित होना चाहिए। उन्होंने भी निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के मेले को भव्य रूप देने के प्रयासों की सराहना की। निगम आयुक्त वासुदेव मालावत ने विश्वास दिलाया कि मेला पॉलीथिन मुक्त होगा और बेहतरीन मेला आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर मेला समिति सदस्य महेश गौतम लल्ली, नरेन्द्र हाड़ा, रमेश चतुर्वेदी, भगवान स्वरूप गौतम, कृष्ण मुरारी सामरिया, मधुकंवर हाड़ा, मीनाक्षी खण्डेवाल, मोनू कुमारी, पारस कंवर, अधीक्षण अभियंता प्रेमशंकर शर्मा, सहायक मेलाधिकारी प्रशांत भारद्वाज, उपायुक्त राजपालसिंह आदि भी मौजूद थे।
विषम परिस्थितियों में भी भव्य आयोजन
मेला अध्यक्ष मित्रा ने कहा, लगातार बारिश के कारण मेले की तैयारियां प्रभावित हो रही थी। अधिकारियों ने विषम परिस्थतियों में भी उद्घाटन समारोह को भव्य रूप देने का काम किया है। अधिकारी और कर्मचारी दिनभर मेले की तैयारियों में जुटे हैं। प्रयास कर रहे हैं कि पिछले चार मेलों से भी इस बार और भव्य मेला आयोजित किया जाए।
Read More: चांदी की पालकी में ठाठ-बाट से निकाले महाराजा अग्रसेन, समाज ने 51 गर्भवती महिलाओं की देखभाल का लिया जिम्मा
इको फ्रैंडली मेला होगा
मेलाधिकारी कीर्ति राठौड़ ने कहा कि इको फ्रैंडली मेला आयोजित करने के लिए कटिबद्ध हैं। इसके लिए शहरवासियों और मेला व्यापारियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। मेले में पॉलीथिन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होगा। विकल्प के तौर पर कपड़े और जूट के थैले उपलब्ध रहेंगे।
मंच से बिखरी लोक संस्कृति की छटा
उद्घाटन समारोह के दौरान पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के लोक कलाकारों की ओर से मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई। शुरुआत लागा पागडिया राग से हुई। इसके बाद तेरा ताली नृत्य, सहरिया नृत्य, कालबेलिया नृत्य सहित कई मनमोहक प्रस्तुतियां हुई। वाद्य यंत्रों पर भी लोक गीतों की दमदार प्रस्तुति देखते बनी।
Updated on:
30 Sep 2019, 3:50 PM IST
Published on:
30 Sep 2019, 3:50 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.