
कोटा. जिले में तीन दिन से हो रही बारिश ( heavy Rain ) से क्षेत्र की नदियों में उफान आ गया। ( rivers overflow ) इससे कई गांवों के रास्ते अवरुद्ध हो गए। कोटा जिले में उजाड़ ( ujad river ) व रावतभाटा क्षेत्र में गुंजाली (Gunjali River) व ब्राह्मणी नदी ( Brahmani river ) उफान पर है। कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में उजाड़़ में उफान से सांगोद सहित कुंदनपुर की रपटों पर पानी आने से एक दर्जन गांवों के रास्ते अवरुद्ध हो गए।
BIG NEWS: कोटा में मूसलाधार बारिश से नदी-नालों में उफान, पुलिया पर चली चादर
गुंजाली के कारणआधा दर्जन गांवों का रावतभाटा से संपर्क कट गया। चेचट क्षेत्र के खेड़ली में ताकली नदी पर बनी रपट का एक हिस्सा बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। शनिवार को सुल्तानपुर व रावतभाटा क्षेत्र में क्रमश: तीन और ढाई घंटे तक बारिश हुई। सांगोद में दस मिनट बूंदाबांदी हुई। दिन भर मौसम साफ रहा। चेचट में एक घंटे तक हल्की बारिश हुई। अच्छी बारिश के बाद किसान बुवाई में जुट गए हैं।
कहां कितना पानी
उजाड़ नदी: सात-आठ फीट पानी की आवक। सांगोद, किशनपुरा, कुंदनपुर समेत कई क्षेत्रों में कम उंचाई की पुलियाओं पर 4-5 फीट तक चादर। दर्जन भर गांवों का सम्पर्क कट गया।
गुंजाली नदी: रावतभाटा के लुहारिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में गुंजाली नदी की हमेरगंज पुलिया पर करीब डेढ़ से दो फीट पानी की चादर, आधा दर्जन गांवों का संपर्क कटा।
ब्राह्मणी नदी: रावतभाटा के धांगडमऊकलां से धांगडमऊखुर्द सहित सात मजरों को जोडऩे वाली ब्राह्मणी नदी पर बनी पुलिया पर शाम चार बजे करीब दो फीट पानी की चादर चली। आधा दर्जन गांवों का सम्पर्क टूट गया।
बैसाखिया नाला: रावतभाटा के चारभुजा क्षेत्र में बरसाती नाले में बैसाखिए में उफान, दो मवेशी बहे।
पुलियाओं पर पांच फीट पानी
सांगोद. कस्बे समेत झालावाड़ जिले में बीते तीन दिन से हो रही बारिश से नदी नालों में पानी की भरपूर आवक हुई है। शनिवार को यहां उजाड़ नदी में भी पानी की जोरदार आवक हुई। किशनपुरा, कुंदनपुर समेत कई क्षेत्रों में नदी पर बनी कम उंचाई की पुलियाओं पर विभिन्न स्थानों पर करीब चार से पांच फीट तक चादर चली, कई गांवों का मुख्यालय से सम्पर्क कट गया।
उल्लेखनीय है कि सांगोद क्षेत्र में बीते तीन दिनों से झमाझम बारिश का दौर चल रहा है। नाले लबालब बहने लगे हैं। उजाड़ नदी में करीब सात से आठ फीट पानी आया है। नदी पर बनी पुलिया पर तीन-चार फीट चादर चलती रही। इससे लोगों को मार्ग बदल-बदल कर आना-जाना पड़ा। कुंदनपुर पुलिया पर भी चार से पांच फीट पानी रहा। इससे मण्डाप, मंडीता, राजगढ़ समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों का सम्पर्क कटा। किशनपुरा पुलिया पर भी पानी की चादर चली।
हादसों को न्योता
नदी पर बनी रपटों पर पानी की आवक के बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करते नजर आए। कोई पैदल तो कोई वाहन चलाते हुए रपटों को पार करता नजर आया। पूर्व में रपट को पार करते समय लोगों के नदी के पानी में डूबने की घटनाओं के बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे।