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कोटा मेडिकल कॉलेज में भावुक होकर ली चि‍कि‍त्सकों ने वि‍दाई, कि‍या फिर मिलने का वादा

कोटा मेडिकल कॉलेज का दो दिवसीय रजत जयंती समारोह, दिनभर गूंजे ठहाके, शाम को भावुक हुआ माहौल
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कोटा

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Deepak Sharma

•

Updated: 17 Dec 2017, 9:29 PM IST

Kota Medical College Celebrate Silver Jubilee year.

Kota Medical College Celebrate Silver Jubilee year.

कोटा . कोटा मेडिकल कॉलेज के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित दो दिवसीय रजत जयंती समारोह रविवार को सम्पन्न हो गया। इस दौरान सुबह अलग-अलग कार्यक्रमों में सालों बाद मिले चिकित्सक कभी गानों पर झूमते रहे, कभी यारों को गले लगाते रहे। वे दिनभर पुरानी यादों को संजोते रहे, हंसी-ठहाके गूंजती रही, लेकिन जब समारोह के समापन पर डॉ. रवि वया ने अभी अलविदा मत कहो दोस्तों, न जाने कहां फि र मुलाकात हो, गाया तो पूरा माहौल भावुक हो उठा। दो दशक से भी अधिक समय बाद मिल रहे कईं यारों की आंखें नम हो गईं और एक-दूसरे से लिपटकर बार-बार मिलने का वादा किया।


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सिल्वर जुबली एलुम्निाई मीट के समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेश एन रॉय, सचिव डॉ. विजय सरदाना, कोषाध्यक्ष डॉ. नीलेश जैन, डॉ. रवि वया ने पूर्व फैकल्टी, पूर्व एचओडी, मेडिकल कॉलेज में लगातार सेवाएं देने वाले टीचर्स, मंत्रालयिक कर्मचारियों और आयोजन से जुड़े विभिन्न लोगों का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।


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डॉ. गिरीश वर्मा ने कहा कि 25 साल की यह यात्रा किसी सुखद स्वप्न की तरह आज समाप्त हो रही है। टीमवर्क के कारण से ही इतना बड़ा आयोजन सफ ल हुआ है। डॉ. नरेश रॉय ने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु दो वर्ष बढऩे के कारण इस कार्यक्रम का साक्षी बन पाया हूं। रजत जयंती जीवन में एक बार ही आती है, अगली बार गोल्डन जुबली आएगी, तब पता नहीं कौन होगा और कौन नहीं होगा। इस समारोह में जीवन भर संजोने लायक स्मृतियां बन गई है।

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नाचे, गाए और लगाए ठुमके
मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान फि ल्मी गीतों पर ठुमके लगाते पुराने स्टूडें्स के साथ नाचने से डॉ. नरेश रॉय और डॉ. विजय सरदाना भी खुद को रोक नहीं पाए। इससे पहले बच्चों के लिए संजय कुमार के द्वारा कठपुतली नृत्य द्वारा सामाजिक संदेश दिए गए। उन्होंने गणेश आरती के बाद चरी नृत्य, घूमर और कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं गंगू पहलवान और सलीम भाई के बीच कुश्ती के दृश्यों ने खूब गुदगुदाया। पटेल किशनलाल और चाचा-चाची की कठपुतली द्वारा अंधविश्वास को छोडऩे और चिकित्सक की सलाह को मानने का संदेश प्रस्तुत किया गया।

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हम आपके है कौन...
समारोह में 'हम आपके है कौन' के तहत वर्तमान छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। भवदेव सिंह चारण ने दिल की बात सुनाते हुए हम तुम पास है कितने, दूर है चांद सितारे निगाहों से छुपकर दिखाओं तो जानो आदि गीतों की प्रस्तुति दी। यथा शर्मा ने गिटार के साथ संगत करते हुए जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए, तुम देना साथ मेरा, गाया तो स्टूडेंट्स ने जमकर हूंटिंग की। वर्तिका कुलश्रेष्ठ, डॉ. सुरेन्द्र मीना, डॉ. अंजलि ने भी विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं, मेडिकल कॉलेज के तनाव, पढ़ाई को लेकर आने वाली समस्याएं और समाधान को लेकर भी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई।


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इनका हुआ सम्मान
कार्यक्रम में स्टेनोग्राफ र अनिल जैन, रामलाल वर्मा, इन्द्रसिंह वर्मा भारत कुमार, मानसिंह, पन्नालाल, रामदेव मौर्य के साथ ही पूर्व फैकल्टी व एचओडी का सम्मान किया। इस अवसर पर डॉ. अमित देव, डॉ. एसएन गुप्ता, डॉ. निर्मल शर्मा, डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. आरपी मीना, डॉ. मनोज सलूजा समेत कईं चिकित्सक मौजूद रहे।