17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोटा
घर के आंगन में घुसा मगरमच्छ पर किसान ने बरसाई ताबड़तोड़ लाठियां, पीट-पीट कर उतार डाला मौत के घाट
Play video

घर के आंगन में घुसा मगरमच्छ पर किसान ने बरसाई ताबड़तोड़ लाठियां, पीट-पीट कर उतार डाला मौत के घाट

Kota News, Kota Hindi News, Peoples Killed the crocodile: कोटा जिले के बगावदा गांव में एक मगरमच्छ को ग्रामीण ने बेरहमी से लाठियों से पीट-पीट कर मार डाला।
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Jul 07, 2019

सुल्तानपुर (कोटा). जिले के बूढ़ादीत थाना क्षेत्र में बगावदा गांव में एक मगरमच्छ ( crocodile ) के बच्चे को ग्रामीण ने बेरहमी से लाठियों से पीट-पीट कर मार डाला। ( Peoples Killed the crocodile ) यह मगरमच्छ कालीसिंध नदी ( Kali Sindh river ) से निकलकर गांव के एक घर में घुस आया। घर के आंगन में मगरमच्छ ( crocodile ) को देखकर परिजनों की सांसे फूल गई और घबरा गए। इस पर परिवार के एक सदस्य ने मगरमच्छ पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। ( Attack on crocodile with Strikes ) इ ससे कुछ ही देर में मगरमच्छ की मौत हो गई। ( crocodile Killed ) मगरमच्छ की मौत की सूचना सबसे पहले पत्रिका के पास पहुंची। पत्रिका संवाददाता ने वन विभाग (Forest department ) घटना से अवगत करवाया। इसके बाद वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची।

Read More: ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ कर्मभूमि पर बिरला अतुलनीय अभिनंदन, कोटा में होली से पहले मनी दीपावली, देखिए तस्वीरें

जानकारी के अनुसार यह 4 फीट लंबा मगरमच्छ का बच्चा था। वन विभाग सहायक वनपाल ने बताया कि वन्यजीव को मारना बहुत ही गलत है। मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के बच्चे का शव लेकर सामुदायिक अस्पताल पहुंची। जहां पोस्टमार्टम करवाया।

Read More: अजीम हो सदन की शान, तरक्की की तदबीरों में डूबा हो हर पयाम, पढि़ए बिरला की मन की बात

शिकायत पर होगी कार्रवाई
बूढ़ादीत थाने के थानाधिकारी अमरनाथ जोगी ने बताया कि मगरमच्छ के बच्चे को मारने की सूचना मिली है लेकिन अभी तक किसी ने भी इसके खिलाफ मामला दर्ज नहीं करवाया है। मामला दर्ज होने के बाद ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Read More: अद्भुत स्वागत: 20 किमी का सफर तय करने में लगे 11 घंटे, मूसलाधार बारिश भी नहीं रोक सकी जनसैलाब

बरसात के साथर शुरू हो जाता है सिलसिला

गौरतलब है कि बरसात होने के साथ ही नदी नालों से मगरमच्छों का निकलना शुरू हो जाता है।ये जीव नदी नालों से निकलकर आसपास की बस्तियों की ओर रूख कर लेते हैं। कई बार ये घरों में भी आ जाते हैं। कोटा में तो आए दिन मगर मच्छों के निकलने की सूचनाएं आती रहती है। हाल में बजरंग नगर, थेगड़ा क्षेत्र में मगरमच्छ निकल आया था। वन विभाग की टीम ने इसे पकड़कर चंबल में छोड़ा था।

Read More: कोटा में बिरला का अद्भुत अभिनंदन, स्वागत को सड़कों पर डटे लाखों शहरवासी, देखिए उत्साह की सतरंगी
तस्वीरें

पड़ सकते हैं लेने के देने
किसी भी वन्यजीवों को मारने पर लेने के देने पड़ सकते हैं।
वन विभाग सहायक वनपाल देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि यह फस्र्ट शिड्यूल श्रेणी में आता है और इसे मारने पर 5 साल की सजा का प्रावधान है। हालांकि अब लोगों में जागृति आ रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में लोग अनजाने में भय के कारण वन्यजीवों पर हमला कर देते हैं। यह हमला वन्यजीवों के साथ खुद पर भी भारी पड़ सकता है। वन्यजीव अधिनिमय के तहत सम्बन्धित व्यक्ति पर मामला दर्ज किया जा सकता है।