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Rajasthan News: कोटा शहर पुलिस ने अपहरण की एक बड़ी वारदात को 6 घंटे के भीतर सुलझाते हुए न सिर्फ अपहृत व्यक्ति को सुरक्षित छुड़ाया बल्कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। आरोपियों ने उधार के पैसे और ब्याज वसूलने के लिए एक व्यक्ति का अपहरण किया था और उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शुक्रवार 19 सितंबर को आरकेपुरम थाने में शिकायत दर्ज हुई कि ताराचंद जैन नामक व्यक्ति का अपहरण हो गया है। शिकायतकर्ता उनके भाई विमल जैन ने बताया कि विष्णु नामक एक व्यक्ति ने फोन पर धमकी दी कि अगर उधार के पैसे ब्याज सहित नहीं लौटाए गए तो वे ताराचंद को जान से मार देंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी गौतम ने तुरंत थानाधिकारी महेंद्र मारू के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस टीम ने तकनीकी और मुखबिरों की सहायता से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। पता चला कि आरोपी सांगोद से होते हुए अंता की तरफ जा रहे हैं।
पुलिस ने बिना समय गंवाए उनका पीछा करना शुरू कर दिया। सोरसन-अंता रोड पर पुलिस ने बाइक पर ताराचंद जैन को ले जा रहे मुख्य आरोपी विष्णु ऐरवाल और एक नाबालिक को को पकड़ लिया।
बाद में अपहरण में शामिल दो अन्य सहयोगी रामप्रताप योगी और मनोज कुमार ऐरवाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपी विष्णु एरवाल (23) और उसका भाई मनोज कुमार एरवाल (25) देवली मांझी कोटा ग्रामीण और रामप्रताप योगी (27) सुल्तानपुर कोटा ग्रामीण के रहने वाले हैं जो अभी कोटा शहर के महावीर नगर में किराए से रहते हैं।
सुरक्षित बचाए गए ताराचंद जैन ने बताया कि आरोपी उन्हें जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर एक जंगल में ले गए थे, जहां उन्होंने पूरी रात उन्हें धमकाया। वे पैसे लौटाने के लिए दबाव बना रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। ताराचंद ने कहा कि अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
Updated on:
20 Sept 2025 07:15 pm
Published on:
20 Sept 2025 07:15 pm
