सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह सड़क कोटा-बूंदी रोड पर तालेड़ा बाइपास है। हालांकि उत्तर भारत में इस समय कहीं एशियन शेर नहीं हैं। सिर्फ गुजरात के गिर अभयारण्य में 430 बब्बर शेर हैं। वहां से जंगल-जंगल होते हुए किसी शेर का यहां तक आना नामुमकिन है।
मुकुन्दरा में होगी थर्टी फर्स्ट पार्टी
इधर, कोटा स्थित मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह में बाघ आने वाले हैं। वन विभाग ने बाघों को लाने की तिथि भी 31 दिसम्बर तय की है। शुरुआत में मुकुन्दरा में एक नर व एक मादा बाघ लाए जाएंगे। दोनों को एनक्लोजर में छोड़ा जाएगा। कुछ दिन उनका यहां के वातावरण के अनुकूल होने का समय है। जब दोनों बाघ यहां अच्छे से एडजस्ट हो जाएंगे तो अगले साल के शुरुआती माह में एक मादा बाघिन यहां और छोड़ी जाएगी।