5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दवा खत्म हुई तो झालावाड़ से रामगंजमंडी पैदल पहुंचे पिता-पुत्र, पढि़ए, लॉकडाउन में फंसे बाप-बेटे की कहानी…

मिर्गी की बीमारी से पीडि़त बेटे की दवाइयां खत्म होने व दवा का पर्चा घर पर रह जाने से परेशान पिता अपने पुत्र को लेकर झालावाड़ से कोटा जिले के रामगंजमंडी पैदल निकल पड़ा। यह सफर सुबह 8 बजे से शुरू हुआ जो रात 9 बजे तक जारी रहा।    
2 min read
Google source verification

कोटा

image

Zuber Khan

Apr 13, 2020

coronavirus

दवा खत्म हुई तो झालावाड़ से रामगंजमंडी पैदल पहुंचे पिता-पुत्र, पढि़ए, लॉकडाउन में फंसे बाप-बेटे की कहानी...,दवा खत्म हुई तो झालावाड़ से रामगंजमंडी पैदल पहुंचे पिता-पुत्र, पढि़ए, लॉकडाउन में फंसे बाप-बेटे की कहानी...,दवा खत्म हुई तो झालावाड़ से रामगंजमंडी पैदल पहुंचे पिता-पुत्र, पढि़ए, लॉकडाउन में फंसे बाप-बेटे की कहानी...

रामगंजमंडी. मिर्गी की बीमारी से ग्रसित पुत्र की दवाइयां खत्म होने व दवा की पर्ची रामगंजमंडी स्थित घर पर होने से परेशान पिता-पुत्र शनिवार सुबह आठ बजे झालावाड़ से पैदल रामगंजमंडी के लिए निकल पड़े, लेकिन 12 घंटे की अवधि में उनका कोई पता नहीं लगने से परिजनों की चिंता बढ़ गई। उपजिला कलक्टर को मामले की जानकारी दी गई। बाद में दोनों रात नौ बजे घर पहुंचे तो परिजनों व प्रशासन ने राहत की सांस ली।

Read More: कोरोना कहर: भूख और डर के बीच दो रोटी के सहारे युवक ने तय किया 80 किमी का सफार, पढि़ए खौफनाक वो 'डेढ़ दिन'

रामगंजमंडी के राजेश टाकीज क्षेत्र निवासी रामप्रसाद सेन उसके पुत्र धीरज को किसी देव स्थान पर ढुकाने के लिए 18 मार्च को रामगंजमंडी से झालावाड़ जिले के हरिगढ़ गया था। बेटे को ढोक लगवाकर ससुराल चला गया। वहां तीन सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से उसनेकुछ दिन लहसुन खुदाई का काम किया। इस बीच 23 मार्च से लॉकडाउन हो गया। लॉक डाउन में जब तक काम मिला वह मजदूरी करता रहा। मजदूरी नहीं मिली और इस बीच पुत्र की दवा खत्म हुई तो उसने रामगंजमंडी में परिजनों को समस्या बताई। तीन दिन पहले हुई बातचीत के दौरान जब परिजनों ने रामप्रसाद को झालावाड़ व कोटा जिले की सीमाएं सील हाोने की बात कही तो उसकी बैचेनी बढ़ गई।


बाइक से छोड़ा
बेटे की तबीयत कहीं बिगड़ न जाए इस बात को देखते हुए परिचित से उसे झालावाड़ तक छोडऩे को कहा। हरिगढ़ से एक जना पिता-पुत्र को शनिवार सुबह बाइक पर बिठाकर आठ बजे झालावाड़ छोड़कर चला गया।

Read More: खुशखबरी: कोटा में आज यहां लगेगी 'फुल बॉडी सेनेटाइजर मशीन', जानिए, कैसे सेनेटाइज होगा पूरा शरीर

सुबह 11 बजे हुई बात
दिन में 11 बजे तक परिजनों की मोबाइल पर रामप्रसाद से बातचीत होती रही। बाद में उसका फोन आउट ऑफ आर्डर आने लगा। शाम पांच बजे तक मोबाइल चालू नहीं हुआ तो परिजनों ने उप जिला कलक्टर चिमनलाल मीणा को अवगत कराया। उप जिला कलक्टर ने झालावाड़ जिले के देवरीघटा में लगाई चौकी पर जानकारी करवाने का आश्वासन दिया। मोबाइल पर पिता-पुत्र का फोटो भेजा गया, लेकिन कोई सूचना नहीं मिली। रात करीब नौ बजे दोनों करीब 355 किलोमीटर पैदल चलकर जब घर पहुंचे ताो परिजनों को राहत मिली। एसडीएम चिमनलाल मीणा ने बताया कि दोनों पिता- पुत्र रात करीब नौ बजे सकुशल घर पहुंच गए।