
कोटा. हाथी खेड़ा गांव स्थित नसरत उल्ला खान (40) सुबह अपने खेत पर किसी काम से गए थे, उनके खेत के पास से ही चंद्रलोई नदी निकल रही है जहां पर नसरत उल्ला खान अपनी बकरियों को चरा रहे थे तभी वहां एक मगरमच्छ आया और उनकी बकरी को ले गया | अपनी बकरी को बचाने की जुगत में वह उसके पीछे चले गए | इस दौरान अचानक एक मगरमच्छ आया और उनका पैर पकड़ लिया। नसरत उल्लाह खान ने शोर मचाया तो गांव वाले दौड़ कर आए और कुछ युवकों ने नसरत उल्ला खान को खींचा|
वहीं दूसरी ओर से मगरमच्छ नदी की ओर खींचने का प्रयास कर रहा था । एक व्यक्ति तुरंत कुल्हाड़ी लेकर आया और मगरमच्छ के सिर पर वार किया तब जाकर के मगरमच्छ ने हसरत उल्ला खान को छोड़ा और बमुश्किल उनकी जान बच पाई । उन्हें तुरंत ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पता लगा की उनके पैर में तीन फैक्चर हैं और आगे के पंजे को मगरमच्छ पूरी तरह से चबा चुका है।
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उन्हें अधिक रक्त बहने के कारण 4 यूनिट रक्त चढ़ाने की डॉक्टर ने कही है। मगरमच्छ के काटने की यह कोई पहली घटना नहीं है,चंद्र लोई नदी में इससे पूर्व भी कई घटनाएं हो चुकी हैं । चंद्रेसल में भी एक व्यक्ति का हाथ मगरमच्छ इससे पूर्व चबा चुके हैं | वही राम खेड़ी गांव में कुछ दिन पूर्व भी एक भैंस का पैर मगरमच्छ द्वारा चबा लिया गया । इस नदी में मगरमच्छों का जबरदस्त आतंक है और यह मगरमच्छ नदी के रास्ते घरों तक पहुंच जाते हैं कई बार खेतों में पड़े रहते हैं और गाय भैंस सहित इंसानों तक को अपना शिकार बना लेते हैं।