
कोटा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (ईएसआई) मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने सोमवार को ईएसआई अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के निरीक्षणसे डॉक्टरों व स्टाफ में हड़कंप मच गया। जो डॉक्टर वहां मौजूद नहीं थे, वे दौड़ते-भागते पहुंचे। यहां तक की बीमारी के कारण छुट्टी पर चल रहे अस्पताल प्रभारी भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में गंदगी देख मंत्री बिफर पड़े और संवेदक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
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निरीक्षण के दैरान मंत्री सबसे पहले ड्यूटी डॉक्टर कक्ष में पहुंचे। यहां कमरा बंद मिला तथा महिला डॉक्टर अन्दर थी। वार्ड ब्वॉय ने उन्हें आवाज दी, लेकिन उन्होंने कमरा नहीं खोला। इस पर उसने जोर से आवाज लगाई कि ‘मंत्रीजी आए हैं… इतना सुनते ही महिला डॉक्टर ने तत्काल दरवाजा खोल दिया। एकाएक मंत्री को सामने देखकर डॉक्टर सकपका गई।
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गर्ग ने महिला डॉक्टर से अन्य चिकित्साधिकारियों के बारे में जानकारी ली तो वह संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाईं। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने अस्पताल प्रभारी के बारे में पूछा तो बताया कि बुखार आने से वे छुट्टी पर हैं। लेकिन मंत्री के अस्पताल पहुंचने की सूचना पर वे भी भागे चले आए। जबकि उनकी भी छुट्टी का प्रार्थना पत्र नहीं था। वे बिना सूचना के गायब मिले।
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ज्यादा चिकित्सक तैनात
मंत्री ने उपस्थिति रजिस्टर को चैक किया। इसमें अस्पताल के अनुसार ज्यादा चिकित्सक मिले। उन्होंने चिकित्सकों को सरप्लस करने की बात कही। यहां 21 चिकित्साधिकारी, 18 नर्सिंग स्टाफ , 3 लैब तकनीशियन, 10 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, 3 मंत्रालयिक कर्मचारी के पद भरे हैं। प्रतिमाह औसतन 7 से 8 प्रसव, रोजाना 50 ओपीडी एवं 29 रोगी भर्ती होने की जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र तंवर भी साथ रहे।
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अस्पताल में ऑफ लाइन ओपीडी 50 थी, जबकि ऑनलाइन ओपीडी 279 है। ऐसे में तीन से साढ़े तीन सौ मरीज रोजाना आते हैं। मैं दो दिन से बीमार हूं। बाबू को सुबह 8 बजे ही आवेदन भिजवा दिया था। पुराना ठेका होने के कारण चार ही सफाईकर्मी हैं। परिसर बड़ा होने से सफाई में परेशानी हो रही है। नया ठेका देने का प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. राधेश्याम मेहरा, प्रभारी, ईएसआई अस्पताल