BIG NEWS: खाली कर दो ये 14 गांव, जोड़े के साथ घूम रहा टाइगर, 1600 परिवार कभी भी हो सकता है शिकार

Zuber Khan

Publish: May, 18 2019 02:19:31 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व ( mukundra hills Tiger reserve ) में टाइगर (Tiger MT-3 ) एम टी-3 व एमटी-4 ( Tiger MT-4 ) का जोड़ा खुले में घूम रहा है। रिजर्व की सीमा पर बसे 14 गांवों के 1600 परिवार हर दिन मौत के साए में जी रहे हैं। टाइगर कभी भी इन पर हमला कर सकता है। ऐसे में 14 गांवों में भारी तबाही मचने की आशंका रहती है। इसके बावजूद सरकार इन गांवों के विस्थापन को लेकर गंभीरता नहीं बरत रही।

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मुकुंदरा में छोड़े गए बाघों के बाद रिजर्व में आ रहे गांवों के विस्थापन की मांग अब जोर पकडऩे लगी है। गांवों में रह रहे लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार गांवों के विस्थापन का जल्द कोई ठोस निर्णय करे। हालांकि ग्रामीण उन्हें दिए जा रहे पैकेज से संतुष्ट नहीं हैं, फिर भी जंगल में बाघ के जोड़े का स्वछंद घूमने का भय अब ग्रामीणों के माथे पर नजर आता है। मुकुन्दरा हिल्स को अप्रेल 2013 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था।

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बसें हैं 14 गांव
करीब 760 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले टाइगर रिजर्व में 14 गांव हैं। सरकार की योजना के तहत इन्हें विस्थापित करना है। इनमें कोलीपुरा, रूपपुरा, अखावा, दामोदरपुरा, खरलीबावड़ी, लक्ष्मीपुरा, दरा गांव, घाटी गांव, मशालपुरा, नारायणपुरा, बड़चाच, नौसेरा व गिरधरपुरा शामिल हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इन गांवों में करीब 1 हजार 600 परिवार रह रहे हैं।

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इसलिए उठ रही मांग
टाइगर रिजर्व पिछले एक साल में बाघों से आबाद है। गत वर्ष 3 अप्रेल को यहां एक बाघ एम टी-1 को लाया गया था। दिसम्बर में इसकी जोड़ीदार बाघिन एम टी-2 को रणथंभौर से लेकर आए। बाघों का यह जोड़ा अभी 82 वर्ग किलोमीटर में विचरण कर रहा है। वहीं करीब 4 माह पूर्व रणम्भौर से खुद चलकर आया बाघ एम टी 3 टाइगर रिजर्व के खुले भाग में विचरण कर रहा है। इसके बाद रणथंभौर से लाई गई बाघिन एम टी-4 को भी टाइगर रिजर्व में एम टी-3 के साथ छोड़ा गया है। एम टी-3 व एमटी-4 की जोड़ी खुले में विचरण कर रहे हैं। हालांकि बाघ व बाघिन के रेडियो कॉलर लगे है तथा वन विभाग की टीम लगातार इनकी निगरानी कर रही है। इसके बावजूद लोगों को चिंता सता रही है।

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मिले थे पांच करोड़
पूर्व में गांवों के विस्थापन के लिए पांच करोड़ रुपए मिले थे। इस राशि में खरली बावड़ी व रूपपुरा गांव का विस्थापन किया था। बाद में कुछ बजट और आया, लेकिन गांवों का विस्थापन नहीं हुआ। ग्रामीण वन विभाग द्वारा दिए जा रहे पैकेज पर जाने को तैयार नहीं हैं। इधर विभाग के अनुसार रिवाइज पैकेज के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा हुआ है।

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कर रहे प्रयास
हमने टाइगर रिजर्व में करीब आधा दर्जन गांवोंं का दौरा किया था। ग्रामीणों से बातचीत की थी। इसके आधार पर ग्रामीणों को सही पैकेज मिले तो वे जाने को तैयार हैं। विभाग को चाहिए कि ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद रखे।
देवव्रत हाड़ा, संयोजक पगमार्ग फाउंडेशन
गांवों के विस्थापन को लेकर विभाग गंभीर है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखकर विस्थापित किया जाएगा। विस्थापन को वार्षिक योजना में शामिल कर सरकार को भेजेंगे।
अरिंदम तोमर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, एवं वन्यजीव प्रतिपालक

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ऐसा है मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व
760 वर्गकिलोमीटर के करीब भाग में फैला
14 माह पहले आया था टाइगर रिजर्व में बाघ
02 बाघ व 2 बाघिनों से आबाद है टाइगर रिजर्व
14 गांव में 1600 परिवार बसे हैं जंगल में
02 गांवों का विस्थापन किया जा चुका है
10 लाख प्रति परिवार पैकेज है सरकार की ओर से

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