कोटा . नगर निगम की ओर से सरकारी व गैर सरकारी कार्यों के लिए टेंट लगाने के लिए ठेकेदार को काम दे रखा है, लेकिन अभी समय पर बिल पेश नहीं करने के कारण सत्यापन नहीं हो पाता है। अब टेंट लगाने के तीन दिन के भीतर बिल पेश करना होगा। एेसा नहीं करने पर भुगतान रोक दिया जाएगा।
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निगम में टेंट लगाने का काम वार्षिक ठेका दर (एआरसी) पर प्रति नग के हिसाब से दे रखा है। टेंट लगाने के बाद सत्यापन के लिए कर्मचारी भी लगा रखा है, लेकिन पिछले दिनों आयुक्त को शिकायत की गई थी, कार्यक्रम में जितना टेंट लगता है, उससे ज्यादा का टेंट लगाना बता दिया जाता है। एक पार्षद ने शिकायत की थी कि भाजपा के कार्यक्रमों में भी सरकरी खर्चे पर टेंट लगा दिया जाता है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। इसके बाद आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने हाल में एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा कि टेंट प्रभारी किसी भी कार्यक्रम में टेंट लगाने से पहलेऑनलाइन स्वीकृति लिखित स्वीकृत लेगा, इसके बाद ही टेंट लगाया जाएगा। ऑफ लाइन स्वीकृति पर टेंट नहीं लगाया जाएगा। साथ ही, तीन दिन में टेंट का ठेका फर्म की ओर से बिल पेश करना होगा। इसके बाद बिल पास नहीं किया जाएगा।
मेले में होता था बड़ा घालमेल
दशहरा मेले में टेंट लगाने के बड़ा घालमेल होता था। मेला समिति ने टेंट की व्यवस्था में बदलाव किया तो आधा ही खर्च आने लग गया। इसलिए एआरसी में भी टेंट लगाने पर पारदर्शिता लाई जा रही है।