
नयापुरा बस स्टैण्ड
रोजाना लाखों का राजस्व देने वाले नयापुरा बस स्टैण्ड पर यात्री सुविधाओं की बुरी स्थिति है। लाखों का राजस्व देने के बाद भी कोटा आगार प्रबंधन इस बस स्टैण्ड पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। डीसीएम रोड स्थित नए बस स्टैण्ड से 10 गुना यात्रीभार व राजस्व देने के बाद भी यहां न पेयजल की सुविधा है, न सड़क सही है। पुरुष-महिला शौचालय गंदे पड़े हैं। प्रतीक्षालय की दीवारें गंदी हैं।
हमेशा रहती है भीड़
नयापुरा बस स्टैण्ड पर 24 घंटे यात्रियों की चहल पहल रहती है। यहां से बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर , अजमेर के अलावा अंतर राज्यीय मार्गों की द्रुतगामी बसों का संचालन व ठहराव किया जाता है। यात्रियों का कहना है कि डीसीएम रोड स्थित नए बस स्टैण्ड पर रात तो क्या दिन में भी इक्की-दुक्की बसें दिखती हैं। यात्रियों की संख्या भी न के बराबर रहती है। जबकि नयापुरा बस स्टैण्ड पर दिन-रात यात्रियों की भीड़ रहती है।
नए बस स्टैण्ड से दस गुना अधिक यात्री भार व राजस्व
कोटा आगार प्रबंधन के आकड़ों के मुताबिक नए बस स्टैण्ड से नयापुरा बस स्टैण्ड का राजस्व व यात्रीभार दस गुना अधिक है। यात्रीभार व राजस्व की पिछले पांच दिनों के आंकड़ों का अवलोकन करें तो नए बस स्टैण्ड से रोजाना औसत 150 टिकट कटते है, इनसे औसत 30 हजार रुपए का राजस्व मिलता है। इसके विपरीत नयापुरा बस स्टैण्ड से रोजाना 1700 टिकट कटते हैं, औसत ढाई लाख का राजस्व मिलता है।
नयापुरा बस स्टैण्ड भी हो विकसित
कोटा आगार के कार्यवाहक मुख्य प्रबंधक रामप्रसाद कलवार ने कहा कि हम चाहते हैं कि नए की तरह ही नयापुरा बस स्टैण्ड का विकास किया जाए। यात्रियों को हर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, लेकिन प्रभारी सचिव व जिला कलक्टर द्वारा हर बार बैठकों में नयापुरा बस स्टैण्ड को स्थानांतरित करने की बात कही जाती है। 7 नवम्बर को भी बैठक है, इसमें उन्हें दोनों बस स्टैण्ड के राजस्व व यात्रीभार से अवगत कराया जाएगा।
Published on:
07 Nov 2017 02:11 pm
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