17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोटा
कोटा के जेकेलोन अस्पताल में नवजात बच्चों की अदला-बदली, लड़का लेकर थमा दी लड़की, मामला खुला तो जमकर मचा बवाल
Play video

कोटा के जेकेलोन अस्पताल में नवजात बच्चों की अदला-बदली, लड़का लेकर थमा दी लड़की, मामला खुला तो जमकर मचा बवाल

newborn baby replace, newborn baby exchange: जेके लोन अस्पताल में रविवार को बच्चे अदला-बदली का मामला सामने आया।
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Jul 29, 2019

कोटा. जेके लोन अस्पताल ( kota Jk lone Hospital ) में रविवार को नवजात बच्चे अदला-बदली का मामला सामने आया। ( newborn baby Girl replace ) एक प्रसूता के परिजनों ने बेटी देकर बेटा लेकर जाने पर जमकर हंगामा कर दिया। ( newborn baby exchange ) सूचना पर नयापुरा पुलिस अस्पताल पहुंची और चार घंटे की मशक्कत के बाद मामले का पटाक्षेप हुआ।

Read More: बिजली करंट से इकलौते बेटे की दर्दनाक मौत से कोटा में मचा बवाल, केईडीएल अधिकारियों को बनाया बंधक, पुलिस और लोगों में तनातनी

अस्पताल में शनिवार रात 11 बजे से रविवार सुबह 11.30 बजे तक 7 महिलाओं की डिलीवरी हुई। इसमें 6 महिलाओं ने लड़की व एक महिला ने लड़के को जन्म दिया। विज्ञान नगर निवासी माया पत्नी दिनेश डिलीवरी के लिए 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंची, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसका एंबुलेंस में ही प्रसव हो गया। प्रसूता ने लड़के को जन्म दिया। परिजन प्रसूता और नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचे और दोनों को भर्ती करवा दिया।

Video: कोटा में लगातार 5 दिन तेज बारिश से बिगड़े हालात, कॉलोनियों में 7 फीट पानी, लोग घरों में कैद, एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

उसकी परिजन पिंकी अस्पताल में पर्ची बनवाने सहित अन्य कार्य में जुटी हुई थी। उसी दौरान पिंकी को चक्कर आने पर पास खड़ी एक अन्य महिला को उसने बच्चा सौंप दिया। इस दौरान बच्चा बदल गया ( newborn baby Girl replace With boy ) और उसके हाथ में लड़की आ गई। जब माया के परिजनों को पता चला कि उनके पास लड़की है तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। बच्चा बदलने की सूचना पर एमबीएस चौकी और नयापुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचएल मीणा भी मौके पर आए। इस मामले की गहनता से जांच करने पर सामने आया कि कोटा के रंगपुर निवासी कौशल्या अस्पताल में भर्ती है, जिसके रिकॉर्ड में लड़की दर्शाई गई है और उसके पास लड़का है। ऐसे में पूछताछ के लिए कौशल्या के परिजनों को भी बुलाया गया। हालांकि कौशल्या के परिजनों ने भी बेटा होने की बात करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।

Rea More: पेरेंटिंग डे विशेष : बच्चें के लिए आप बेस्ट मम्मी-पापा या ओवर स्मार्ट, खबर पढ़कर परखिए खुद को…

प्रसूताओं के टिकट जांचे तो सामने आई सच्चाई
जब कौशल्या के परिजनों ने विरोध शुरू किया तो अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती सभी प्रसूताओं के पर्चे जांचे। जांच में पता चला कि लाडपुरा निवासी प्रसूता सरताज की कल डिलीवरी हुई थी, वह अस्पताल के वार्ड में उन्हें नहीं मिली। ऐसे में नयापुरा पुलिस ने उसका पता निकाल उसके घर पर तलाश करने पहुंची और उसके पति नईम को लेकर अस्पताल आई, तब सामने आया कि प्रसूता सरताज अस्पताल में ही दूसरे वार्ड में भर्ती है। उसके पास लड़की की जगह लड़का मिला। ( newborn baby Girl Changed With boy’s ) उसने खुद ने भी स्वीकार किया है कि उसका बच्चा बदल गया है। उसकी लड़की थी और उसके पास लड़का है। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बदले हुए बच्चों को अपने-अपने परिजनों को सुपुर्द कर दिया। हालांकि इस मामले में यह साफ नहीं हो पाया है कि बच्चा गलफ त में बदला या फिर जानबूझकर बदला गया।

Parenting Day: ‘आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस’ का तोहफा देकर बच्चों को रोबोट बना रहे पेरेंट्स, कोटा के ये केस बयां कर रहे कड़वी हकीकत

गलत रिकॉर्ड ने बढ़ाई गलफत

अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों और अन्य स्टाफ ने कौशल्या के भर्ती टिकट और अन्य कागजातों पर लड़की दर्शाई, जबकि उसने बेटे को जन्म दिया था। इस रिकॉर्ड के चलते गफ लत बढ़ गई और अस्पताल प्रबंधन को काफ ी देर तक मशक्कत करनी पड़ी। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने दोषी स्टाफ और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

PICS: राजस्थान के ये पिकनिक स्पॉट्स हैं बेहद खूबसूरत, पर इतने खतरनाक कि सरकार ने कर दिए बैन, जरा सी चूक और मौत के दीदार

अस्पताल में प्रसूताओं के परिजनों के बीच ही बच्चे की अदला-बदली हुई है। सीसीटीवी कैमरे व रिकॉर्ड चैक किया। सरताज के पति नईम से पूछताछ की गई। उसके बाद चार घंटे की मशक्कत के बाद मामले का पटाक्षेप हुआ। कौशल्या के रिकॉर्ड में कम्प्यूटर व लेबर रूम के रिकॉर्ड में लड़की दर्शा रखी है, लेकिन एक जगह लड़का दर्शा रखा है। इस गलती के लिए विभागाध्यक्ष को जांच कर रेजीडेंट को नोटिस देने के निर्देश दिए।
डॉ. एचएल मीणा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल