
एनजीटी ने सरकार को सौंपा एक्शन प्लान: कोटा की तरह राजस्थान के इन 4 जिलों में भी बनाओ ऑक्सीजोन
जोधपुर, अलवर, जयपुर और उदयपुर भी शामिल
विनीत सिंह@ कोटा. सड़क पर दौड़ते लाखों वाहनों और दिनों दिन घटते पेड़ों की वजह से गैस चैंबर ( Gas chamber ) में तब्दील होते जा रहे शहरों की हवा को साफ रखने के लिए जोधपुर, ( jodhpur ) उदयपुर, ( udaipur ) अलवर ( Alwar ) और जयपुर ( Jaipur ) में भी कोटा ( Kota ) जैसा ऑक्सीजोन ( Oxy Zone in kota ) बनाना होगा। पांचों शहरों के प्रमुख चौराहों पर फव्वारे लगाने और सड़कों के किनारे ग्रीन कॉरिडोर ( Green Corridor ) विकसित करने के भी निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ( NGT court ) की प्रधान बेंच ने सरकार को एक्शन प्लान सौंप कर यूडीएच, पीडब्ल्यूडी, और एनएचएआई की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ( Central Pollution Control Board ) ने एक दशक से राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता के मानकों पर खरे न उतरने वाले देश के 92 शहरों को लापरवाह शहर घोषित किया था।
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वर्ष 2018 में जारी हुई इस सूची में शामिल राजस्थान के कोटा, जयपुर, जोधपुर, अलवर और उदयपुर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इन पांचों शहरों के नगर निगम, नगर विकास न्यास, परिवहन विभाग और वन विभाग को इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई करना तो दूर इन विभागों ने सीपीसीबी के पत्रों का जवाब देना तक जरूरी नहीं समझा।
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एनजीटी ने कसी लगाम
सीपीसीबी के निर्देशों को अनसुना करने पर एनजीटी ने प्रदेश सरकार को प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए एक्शन प्लान सौंपते हुए उसकी तय समय सीमा में पालना कराने के पाबंद किया है। एनजीटी ने पांचों शहरों के भारी यातायात वाले चौराहों पर नियमित फव्वारे चलाने, ट्रैफिक कॉरिडोर के अतिरिक्त सड़क किनारे खाली पड़ी जमीनों पर ग्रीन बफर जोन डवलप करने, ग्रीन एरिया डवलप किए बिना स्कूल, हाउसिंग सोसाइटी और सामुदायिक भवनों को निर्माण की अनुमति न देने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बनेगा कोटा जैसा आक्सीजोन
कोटा के हालात सुधारने के लिए राजस्थान पत्रिका ने अभियान चलाया तो कोटा जिला प्रशासन ने 17 जुलाई 2018 को ऑक्सीजोन स्थापित करने की घोषणा कर दी, लेकिन उदयपुर, जोधपुर, अलवर और जयपुर जिला प्रशासन ने इस ओर फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजतन एनजीटी ने एक्शन प्लान जारी कर इन चारों शहरों में कोटा की तरह ही ऑक्सीजोन स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। सभी शहरों में छायादार और फलदार पेड़ों को काटने पर सख्त पाबंदी लगाने के साथ ही शहर के बीचों-बीच खाली पड़ी जमीनों पर ऑक्सीजोन जैसे ग्रीन बफर जोन डवलप करने होंगे। जहां बड़ी संख्या में पेड़ लगे हैं उस इलाके को संरक्षित हरित क्षेत्र घोषित करना होगा। वहीं यूआईटी और नगर निगम को निर्देश दिया है कि प्रस्तावित ऑक्सीजोन में पीपल और बरगद जैसे पेड़ बड़ी संख्या में लगाए जाएं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इसकी मॉनीटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कराएंगे पूरी पालना
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित जुयाल ने बताया कि एनजीटी की ओर से भेजे गए एक्शन प्लान की पालना करने के लिए सरकार की ओर से सभी जिम्मेदार विभागों को निर्देश भेज दिए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर हाल में इसकी पालना सुनिश्चित कराएगा, ताकि लोगों को स्वच्छ हवा और वातावरण मिल सके।
Published on:
09 Jul 2019 10:27 am
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