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फर्राटे भरने से रोकने पर बोला किशोर, किसी के ठुक जाएगी तो भर दूंगा पैसे

कोटा. यातायात पुलिस कार्रवाई के लाख दावे करे लेकिन फर्राटे भरते हुए स्टंट करने वाले पॉवर बाइकर्स पर इसका कोई असर नहीं है।
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कोटा

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Dheetendra Kumar Sharma

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Updated: 21 Nov 2017, 9:00 PM IST

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कोटा .

यातायात पुलिस कार्रवाई के लाख दावे करे लेकिन फर्राटे भरते हुए स्टंट करने वाले पॉवर बाइकर्स पर इसका कोई असर नहीं है। वे अपने ही अंदाज में बेखौफ लोगों की जान को जोखम में डाल कर दौड़ रहे हैं। महावीर नगर विस्तार योजना सेक्टर चार में तो मंगलवार दोपहर टोकने पर ऐसे बाइकर किशोर ने मोहल्ले वालों को बच्चे या किसी के बाइक भिडऩे पर पैसे भरने का तंज कसा और फिर फर्राटा भरकर दौड़ गया। लोगों ने इसकी शिकायत मय गाड़ी नम्बर डिप्टी ट्रेफिक को की है।

महावीर नगर विस्तार योजना सेक्टर चार में मंगलवार को रऊफ बेग अपने घर के बाहर खड़े थे, इसी दौरान एक किशोर फर्राटे मारता तेज गति से पावर बाइक 'आरजे 20, ईएस, 7689Ó को दौड़ाता मोहल्ले से गुजरा। उन्होंने उसे टोका तो किशोर पलट कर वापस आया। उनके और अन्य पड़ोसियों के टोकने पर किशोर नहीं माना, उटपटांग बोला। किसी बच्चे की चोटिल होने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताने पर किशोर तल्खी से बोला कि 'किसी के ठुक जाएगी तो पैसे भर दूंगा।Ó और फिर से फर्राटे भरता दौड़ गया।


मोहल्ले के लोगों ने डिप्टी ट्रेफिक को इसकी शिकायत की है। मोहल्ले के बच्चों ने बताया कि ऐसे किशोर अक्सर शाम को जब वे मोहल्ले में साइकिल चलाते हैं तो उन्हें स्टंट से डराते हुए निकलते हैं।

कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति
शहर में पॉवर बाइक से फर्राटे स्टंट आम हैं। कई राह चलते लोग इनसे सहम जाते हैं। चोटिल भी हो जाते हैं। यातायात पुलिस गाहे बगाहे इन बाइकर्स के खिलाफ अभियान चालाती तो है लेकिन यह महज खानापूर्ति ही रहता है। कोई प्रॉपर मैकेनिज्म इन्हें चिह्नित करने का नहीं होने से ये बेलगाम दौड़ते रहते हैं।

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शहर में पॉवर बाइकर्स वाकई बेलगाम हैं। ताज्जुब कि यातायात पुलिस खद कभी-कभार इन्हें कथित अभियान में पकड़ लेती है, कुछ बाइक जब्त भी कर लेती है लेकिन यह 'ऑर्गेनाइज्ड वेÓ में कार्रवाई नहीं होती, लिहाजा सिवाय पुलिस के खाते कुछ पॉजीटिव आंकड़े चढऩे के अलावा कोई फायदा आमजन को नहीं मिलता। पुलिस हर किसी कोने में तो खड़ी हो भी नहीं सकती। इधर, बाइकर्स मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों तक बेखौफ स्टंट मारते रहते हैं।

असल में, आमजन इन स्टंटबाजों से परेशान हैं लेकिन उनके पास कोई विकल्प इन्हें रोकने का नहीं। अदि यातायात पुलिस की नीयत वाकई इन बाइकर्स पर नकेल की है तो कोई 'ऑर्गेनाइज्ड मैकेनिज्म विकसित करना ही होगा । कोई हेल्पलाइन नंबर या व्हाट्सएप नंबर प्राथमिक विकल्प हो सकता है, जिस पर आमजन कहीं भी ऐसे स्टंट देखें तो फोटो या वीडियो बनाकर यातायात पुलिस को भेज सकें । निश्चय ही ऐसे मैकेनिज्म से आमजन का इन्वोल्वमेंट इनकी रोकथाम में होगा, यातायात पुलिस को ऐसे बाइकर्स को चिह्नित करने में मदद मिलेगी।