
one more farmer suicide for garlic low price
हरनावदाशाहजी (बारां). लहसुन के गिरे भावों ने एक और किसान की जान ले ली। कस्बे में अकलेरा मार्ग पर पैदल जा रहे गुराड़ी निवासी रामकल्याण मीणा (60) की शुक्रवार सुबह करीब दस बजे गश खाकर सड़क पर गिरने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मृतक मुनाफा काश्त कर लहसुन बुवाई करने के दौरान हुए लाखों रुपए के खर्च एवं अब भाव नहीं मिलने के कारण परेशान था।
एएसआई धर्मपाल यादव ने बताया कि सुबह 10 बजे सरपंच हेमंत दोलिया ने फोन पर किसी व्यक्ति के सड़क पर गश खाकर गिरने की सूचना दी थी। इसके बाद मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उसे बैंच पर लेटा रखा था। बाद में उसे तुरंत चिकित्सालय पहुंचाया जहां जांच के बाद चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सक ने मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया है। पुलिस ने मृतक की जेब में मिले मोबाइल से छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के गुराडी गांव निवासी परिजनों को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम करवाया।
परिजनों ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने बोरखेड़ी गांव में 20 बीघा जमीन मुनाफा काश्त से लेकर लहसुन की बुवाई की थी। जिसमें पांच छह लाख रुपए का खर्चा हुआ था, लेकिन भाव नहीं मिलने से रामकल्याण पिछले कई दिनों से परेशान था। शुक्रवार सुबह आठ बजे घर से रामपुरिया की ओर जाने की कहकर घर से निकला था।
यह है गणित
यदि किसान की खुद की जमीन है तो लहसुन की फसल में प्रति बीघा दस हजार रुपए का खर्च होता है। वहीं किसान मुनाफाकाश्त करता है तो प्रति बीघा बीस हजार रुपए का खर्च आता है। मौजूदा भावों में 12 से 18 हजार रुपए प्रति बीघा के दाम मिल रहे हैं। जबकि इसमें किसानों की मेहतन और डीजल का खर्च अलग है। इस कारण खर्च निकलना मुश्किल हो गया है। मुनाफाकाश्त करने वाले किसान ज्यादा परेशान हैं।
Published on:
15 Jun 2018 06:51 pm
