22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Kota: ‘किस्मत को कुछ और ही मंजूर था…’, TV एक्टर मां मुंबई में कर रही थी शूटिंग और राजस्थान में हो गई दोनों बच्चों की मौत, रुला देगी ये दर्दनाक कहानी

Kota News: मीडिया से बातचीत में यह कहते हुए कोचिंग सिटी के अजय आहूजा नगर निवासी टीवी एक्ट्रेस रीता शर्मा और सीनियर कोचिंग फैकल्टी जितेंद्र शर्मा भावुक हो गए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Akshita Deora

•

Updated: 4 Oct 2025, 10:33 AM IST

फोटो: पत्रिका

TV Actor Veer Sharma And His Brother Passed Away: ‘यदि हमारे फ्लैट में स्मोक अलार्म, डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो शायद आज हमारे बच्चे जिंदा होते। अब हमारे जीवन का मकसद एक ही है कि किसी और के बच्चों के साथ ऐसा हादसा ना हो। इसके लिए हम शौर्य और वीर के नाम से एनजीओ बनाएंगे। बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता पर काम करेंगे, ताकि कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे।’

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में यह कहते हुए कोचिंग सिटी के अजय आहूजा नगर निवासी टीवी एक्ट्रेस रीता शर्मा और सीनियर कोचिंग फैकल्टी जितेंद्र शर्मा भावुक हो गए। बोले- हमारी लोगों से गुजारिश है, प्लीज…अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ें। पैरेंट्स अपने मकान में सेफ्टी फीचर्स की समय-समय पर खुद ऑडिट करें।

भीगी पलकों से रीता बोलीं 'उस रात मैं मुंबई में शूटिंग कर रही थी। बार-बार फोन मिलाने पर भी जब बच्चों ने कॉल नहीं उठाया तो दिल घबराने लगा। तभी अचानक हादसे की खबर मिली और मेरी पूरी दुनिया बिखर गई। मैं हर मां-बाप से कहना चाहती हूं, अगर बच्चों को घर पर अकेले रखने की मजबूरी हो तो सीसीटीवी कैमरे, स्मोक डिटेक्टर और फायर इक्विपमेंट जरूर लगवाइए।

आग सिर्फ सामान नहीं, जिंदगी भी छीन लेती है। आज भी यकीन नहीं होता कि हमारा शौर्य और वीर हमें छोड़कर चले गए, लेकिन उनकी यादें, उनकी मुस्कान और उनकी आंखों से दूसरों को मिली रोशनी दुनिया में हमेशा जिंदा रहेगी। शौर्य की आंखों से तीन और वीर की आंखों से चार लोग दुनिया देख पा रहे हैं।'

अकेले रहने वाले बच्चों के अभिभावकों को अवेयर करेंगे

जितेंद्र बोले-उन्होंने तय किया कि जिस तरह से उनके बच्चे अकेले घर में थे, ऐसे अकेले रहने वाले बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करेंगे। फ्लैट के सभी सेफ्टी फीचर्स के लिए अभियान चलाएंगे, ताकि दूसरे पेरेंट्स को हमारे जैसा दुख नहीं झेलना पड़े। बच्चों के लिए फाउंडेशन बनाकर काम करेंगे।

शौर्य और वीर का नाम हमेशा बना रहे इसीलिए हम यह कर रहे हैं। शौर्य 15 साल का था, आइआइटी की तैयारी कर रहा था। वीर 10 साल का था और टीवी सीरियल्स में रोल करता था। उसे जल्द ही सैफ अली खान के बचपन का रोल निभाना था। …लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।