
कोटा. कोटा एसीबी ने खेत तक रास्ता देने के लिए जमीन की पैमाइश करने के लिए पटवारी व उसके दलाल (एवजी) को साढ़े तीन हजार रुपए की रिश्वत ( Bribe ) लेते शनिवार को गिरफ्तार ( patwari arrested for taking Bribe ) किया। पकड़ में आने के बाद एसीबी से रहम की भीख मांगने लगा। खुद को बेगुनाह बताकर छोडऩे को गिड़गिड़ाने लगा।
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एसीबी एएसपी ठाकुर चन्द्रशील ने बताया कि लाडपुरा तहसील के गोदल्याहेड़ी निवासी रविप्रकाश धाकड़ (40) ने 3 जून को एसीबी ( ACB ) में शिकायत की थी। इसमें बताया कि उसके रास्ते के विवाद पर तहसीलदार ने 20 मई को पृष्ठाकिंत कर पटवारी को सीमांकन व मौका रिपोर्ट के आदेश दिए थे, लेकिन पटवारी उसे चक्कर कटवा रहा था। पटवारी मधुसूदन मीणा (43) व उसका सहयोगी परशुराम कुम्हार (40) 5 हजार रुपयों की मांग करने लगे।
4 जून को पटवारी व एवजी साढ़े चार हजार में सीमांकन को राजी हो गए। रविप्रकाश ने एक हजार रुपए उसी समय दे दिए। इससे शिकायत का सत्यापन हो गया। इसके बाद 7 जून की सुबह शेष साढ़े तीन हजार रुपए देना तय हुआ। इस पर एसीबी टीम कार्रवाई के लिए गोदल्याहेड़ी पहुंची। यहां पटवारी पूरे दिन नहीं पहुंचा। ऐसे में ट्रेप की कार्रवाई नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि रविप्रकाश ने पटवारी से बात की तो उसने शनिवार को सीमांकन की बात कही। इस पर एसीबी टीम शनिवार को फिर गांव पहुंची। जहां पटवारी ने सीमांकन के लिए परशुराम को भेजा। परशुराम ने सीमांकन के बाद रविप्रकाश से साढ़े तीन हजार रुपए ले लिए। रुपए लेते ही एसीबी ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलवाने पर पानी गुलाबी हो गया। इसके बाद एसीबी ने परशुराम से पटवारी को फोन करवाया। परशुराम ने सीमांकन करने व साढ़े तीन हजार रुपए प्राप्त करने की बात कही।
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पटवारी मधुसूदन मीणा ने उसे रुपए लेकर कोटा महावीर नगर में उसके घर के निकट नाई की दुकान पर बुलाया। एसीबी टीम परशुराम को लेकर महावीर नगर पहुंची तथा सादा वर्दी में निगरानी कर उसे दुकान पर भेजा। जहां पटवारी ने रुपए ले लिए। रुपए लेते ही एसीबी ने उसे ट्रेप कर लिया। एसीबी ने दोनों को महावीर नगर थाने ले आई। जहां पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की।