
कोटा. खेत तक रास्ता देने के लिए जमीन की पैमाइश करने के को साढ़े तीन हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ पटवारी मधुसूदन खाने-पीने का शौकीन है तथा अधिकांश समय महावीर नगर स्थित अपने ससुराल में ही रहता था। पटवारी महंगी शराब पीने का भी शौकीन था। ऐसे में रिश्वत की कमाई से वह शराब पी जाता था तथा कुछ हिस्सा एवजी परशुराम को दे देता था।
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पटवारी मधुसूदन के स्थान पर पटवारी का पूरा काम उसका एवजी परशुराम प्रजापति निपटाता था। परशुराम पूर्व में ग्राम प्रतिहारी रह चुका है। परशुराम मधुसूदन का काफी खास रहा है। ऐसे में मधुसूदन ने उसे पटवारी का पूरा काम सीखा दिया तथा उसे ही नक्शें, नकल, मोहरें दे रखी थी। ऐसे में परशुराम प्रजापति ही उसका पूरा काम निपटा देता था। इसके बाद वह उसे शाम को या काम होने के बाद महावीर नगर स्थित घर या आसपास बुला लेता था तथा उससे रुपए ले लेता था।
घर की जांच में नहीं मिला कुछ
एसीबी के कोटा ग्रामीण के निरीक्षक रमेश आर्य ने ट्रेप किए पटवारी मधुसूदन मीणा के घर की तलाशी ली तो उन्हें वहां सम्पति के नाम पर कुछ नहीं मिला। पटवारी अपने ससुराल में रह रहा था। उसके पुराने मकाने पर उसके भाइयों का कब्जा है।
पटवारी का पूरा काम निपटाता था परशुराम
एसीबी के निरीक्षक दलबीर सिंह ने बताया कि परशुराम पटवारी का पूरा काम निपटाता था। पटवारी मधुसूदन ने उसे एवजी के तौर पर रख रखा था। एसीबी ने चैकिंग के दौरान उसके बैग से नकल के कागजात, पटवारी की मोहरें व अन्य सामान बरामद किए। परशुराम ने सीमांकन कर कागज भी बना दिए थे।
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मकान की तलाशी ली
पटवारी महावीर नगर विस्तार योजना में 2-सी-7 में रहता है। जहां कार्रवाई के साथ ही ग्रामीण एसीबी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम भेजी गई, जो मकान की तलाशी लेने में जुटी है।