
चूलिया फाल : यह पॉइंट भैसरोडगढ़ वन्य जीव अभयारण क्षेत्र में है। इस प्वॉइंट पर बड़ी-बड़ी चट़टाने हैं। हल्की बारिश शुरू होते ही झरने बहना शुरू हो जाते हैं।

बेहद खूबसूरत है नजारा : चूलिया फाल का नजारा देखने में बेहद ही खूबसूरत है। यहां चम्बल नदी बहती है, काफी गहरी है। पानी के कारण चट्टनों पर काई जम जाती है। ऐसे मेें लोग इस काई में फिसल जाते हैं।

फिसल जाएं तो बचना मुश्किल: यहां पर शहरी सहित अन्य जिलों के युवा पिकनिक मनाने आते हैं। वे गानों की धुन पर शराब पीकर पानी में नहाते हैं। इस दौरान काई में फिसलने से वे नीचे गिर जाते हैं और चट्टानें से टकरा जाने से मौत हो जाती है। यहां कई मौतें हो चुकी है।

पाडाझर महादेव : रावतभाटा के समीप मंडेसरा ग्राम पंचायत मार्ग पर स्थित है मनोरम पिकनिक स्पॉट पाडाझर। यहां बारिश में मनोहारी झरना बहता है। पिछले 24 घंटे से हाड़ौती में हो रही बारिश से नदी, नाले, झरने बह निकले हैं। चंबल की कराइयों के श्रेष्ठ झरनों में शुमार पाडाझर झरना भी हाल की बारिश से बहता हुआ।

पाडाझर में सुरक्षा के इंतजाम नहीं : पाडाझर महादेव प्वॉइंट मंडेसरा ग्राम पंचायत मार्ग पर स्थित है। मन्दिर के पास झरना बहता है। झरने के नीचे भराव क्षेत्र है। बारिश के दिनों में यहां लोगों का जमावड़ा रहता है। सुरक्षा के कुछ भी इंतजाम नहीं है, कभी बड़ा हादसा सकता है।

समर ब्रिज : यह पॉइंट चम्बल नदी पर है। चारों तरफ हरियाली व ठंडी हवा होने से लोग कोटा, झालावाड़, बूंदी व बारां सहित आसपास के क्षेत्र से पिकनिक मनाने आते हैं। वे नदी के बीच में बनी चट्टों पर बैठ जाते हैं। इस दौरान जैसे ही पन बिजली घर से पानी छोड़ जाता है, नदी का जल स्तर बढ़ जाता है। लोग चट्टनों के बीच फंस जाते हैं। बाहर निकलने की कोशिश या चट्टानों डूबने से पानी में बह जाते हैं।

बोर्ड लगाए, सुरक्षा इंतजाम नहीं : इन प्वॉइंट्स पर वन विभाग की ओर से आमजन को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। इन पर बकायदा लिखा है कि यहां पर शराब पीकर आना, तेज आवाज में गाने बजाना, कपड़े धोना, नहाना मना है लेकिन फिर भी यहां लोग आते हैं और पिकनिक मनाते हैं। वन विभाग की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जाताहैं।