
SDOP sent resignation letter
शहर के तीन थाना क्षेत्रों में दम्पती समेत हत्या के तीन संगीन मामले अभी तक लम्बित हैं, जिनमें अपराधियों ने घरों में घुसकर हत्याएं की। इसके बावजूद पुलिस अभी तक न तो उन अपराधियों का पता लगा सकी, न ही हत्या के कारण। पुलिस उन मामलों में अभी तक जांच ही कर रही है, लेकिन अपराधियों ने इतनी चालाकी से वारदातों को अंजाम दिया कि वे पुलिस के हाथ नहीं आ रहे और पुलिस जांच पर भारी पड़ रहे हैं।
प्रदेश में कभी नम्बर एक तो कभी टॉप पांच में रहने वाली कोटा शहर पुलिस ने वैसे तो हत्या-लूट जैसे कई संगीन अपराधों में तत्परता दिखाते हुए अपराधियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया है, लेकिन हत्या के ही तीन मामले चुनौती बने हुए हैं। इनमें कई महीनों की तफ्तीश के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
रेलवे कॉलोनी क्षेत्र का दम्पती हत्याकांड
रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में 15 जुलाई 2017 की रात रेलवे से रिटायर्ड इंजीनियर बजरंगसिंह नरूका व उनकी पत्नी साधना सिंह की घर में घुसकर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात का पता चलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घर में गहने व नकदी भी सुरक्षित रखी हुई थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अनुसंधान किया। सैकड़ों मोबाइलों की कॉल डिटेल खंगाली व लोगों से पूछताछ की। वारदात को करीब एक साल होने को है, लेकिन अब तक न तो आरोपियों का पता चला, न ही हत्या का कारण। इस मामले में पुलिस की स्पेशल टीम और खुफिया तंत्र भी कोई मदद नहीं कर सका।
हवाला कारोबारी की हत्या बनी पहेली
गुमानपुरा थाना क्षेत्र में बीच बाजार और थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित बहुमंजिला इमारत के फ्लेट में वर्ष 2015 में हवाला कारोबारी महेश पटेल की घर में घुसकर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी बड़ी आसानी से मौके से निकल गए। तत्कलीन पुलिस अधीक्षक अमनदीपसिंह कपूर से लेकर वर्तमान एसपी अंशुमान भौमिया तक तीन साल में भी वारदात का खुलासा नहीं कर सके। गुजरात निवासी महेश पटेल की हत्या पहेली ही बनी हुई है। इसमें भी हत्या करने वाले और हत्या का कारण आज तक राज ही है।
सीसीटीवी में कैद फिर भी पकड़ से दूर
भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र में करीब दो माह पहले 12 अप्रेल को दानमलजी का अहाता स्थित एक मकान में मजदूर का तीन दिन पुराना शव मिला। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई। हत्या करने वाले ने मकान किराए पर लिया था, लेकिन मकान मालिक को उसके नाम-पते तक की जानकारी नहीं थी। उसने कमरे में ही हत्या की और वहां से गायब हो गया। मकान मालिक को भी तीन दिन बाद शव से दुर्गंध आने पर पता चला। पुलिस ने मृतक की पहचान तो उनियारा टोंक निवासी कन्हैयााल गुर्जर के रूप में की। हत्यारे का सीसीटीवी कैमरे में फुटेज भी कैद हो गया। इसके बावजूद पुलिस दो माह से अधिक समय होने पर भी आरोपी को नहीं खोज सकी। हालांकि हत्या का कारण मृतक के पास सोने के जेवर होना बताया जा रहा है।
संदिग्धों का होगा नार्को एनेलिसिस
दम्पती हत्याकांड में करीब तीन सौ से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। उनमें से जो संदिग्ध हैं, उनका नार्को एनेलीसिस कराने की प्रक्रिया चल रही है। मजदूर की हत्या का आरोपी भी ट्रेस हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। जल्दी ही सभी मामलों में आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। पुराने मामले में भी अनुसंधान चल रहा है।
-अंशुमान भौमिया, एसपी कोटा शहर
Published on:
28 Jun 2018 04:15 pm
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