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शहर की इस कॉलोनी का हो रहा है हाल बेहाल

टीचर्स कॉलोनी 'बीमार' पड़ी है। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के प्रयासों के बीच कॉलोनी के बाशिन्दे सड़कों व सीवरेज जैसी समस्यों से ही जूझ रहे हैं।
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शहर की इस कॉलोनी का हो रहा है हाल बेहाल

शहर की इस कॉलोनी का हो रहा है हाल बेहाल

कोटा. शिक्षकों को सम्मान देते हुए शहर में बनाई टीचर्स कॉलोनी 'बीमार' पड़ी है। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के प्रयासों के बीच कॉलोनी के बाशिन्दे सड़कों व सीवरेज जैसी समस्यों से ही जूझ रहे हैं। कहीं सडकें गहरे घावों से कराह रही हैं तो कहीं सीवरेज लाइन जर्जर हैं। स्वच्छता का वादा भी कॉलोनी में कहीं दिखाई नहीं देता। कई जगहों पर तो गन्दगी के अम्बार लगे हैं।


कॉलोनी में काफी समय से सड़क नहीं बनी। पेच वर्क जरूर हुआ, लेकिन यह ज्यादा दिन नहीं टिक सका। गलियों में कहीं गहरे गड्ढे हैं तो कहीं गिट्टियां उखड़ गई हैं। इनमे पानी भर जाता है। बरसात में स्थितियां विकट होने वाली हैं। कॉलोनी का मैन रोड, मीरा मार्केट रोड, ज और क लाइन में जगह-जगह रोड उखड़े पड़े हैं।

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जर्जर हो गई सीवरेज लाइन

कॉलोनी में 30 से 35 वर्ष पुरानी सीवरेज लाइन है। कुछ लाइने पांच वर्ष पूर्व बदली गई थी, लेकिन अधिकतर सेक्टरों में अब भी पुरानी लाइन ही है, यह जर्जर व ब्लॉक हो गई हैं। ब्लॉक लाइनों से सीवरेज का पानी सड़कों पर आता है। कहीं घरों की निकास नालियों से उलटा पानी घरों में पहुच जाता है।

2 सेक्टर के हीरालाल चौधरी व हनुमान मंदिर पुनीत धाम के पास रहने वाले राघवेन्द्र शर्मा ने बताया कि सीवरेज चैंबर से पानी सड़क पर आता है तो बदबू के कारण हाल बेहाल हो जाता है। पैसे देकर लाइन व सीवरेज लाइन के चेंबर की सफाई करवानी पड़ती है। सीवरेज की गन्दगी वापस घरों तक आ जाती है। वह इस बारे में कई बार शिकायत कर चुके हैं।


थाने तक पहुंचा मामला
क्षेत्र में सीवरेज लाइन का मामला थाने तक भी पहुंच चुका है। दो दिन पहले ही क्षेत्र में सीवरेज लाइन की सफाई को लेकर झगड़ा हो गया था। बाद में महिला ने थाने में शिकायत दी थी। इसके बावजूद लोगों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

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राघवेन्द्र, स्थानीय निवासी का कहना है की सीवरेज के पानी की समस्या काफी समय से बनी हुई है। पूर्व में कुछ क्षेत्रों में नई लाइन डाल दी गई थी, कुछ में अभी भी समस्या है। क्षेत्र में 25 से 30 वर्ष पुरानी लाइन है। यह बार-बार भर जाती है। कई बार तो इससे घरों की नालियां जाम हो जाती है। चेंबर की सफाई करानी पड़ती है। सुबह जब नल आते हैं तो चेंबर से पानी सड़क पर आ जाता है, इससे बदबू आने लगती है।