
एक तरफ 7 फीट लंबा अजगर तो दूसरी तरफ 8 फीट का मगरमच्छ और बीच में फंस गए कर्मचारी, फिर हुआ ये ...
कोटा. रावतभाटा ( rawatbhata ) के राणा प्रताप सागर बांध ( Rana Pratap Sagar Dam ) की पुलिया पर तैनात होम गाड्र्स व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के उस वक्त पसीने छूट गए जब उन्हें दोनों तरफ से 'काल के दूत' ने घेर लिया। रात के अंधेरे में तेजी से अपनी ओर बढ़ते 'मौत' के कदमों को देख उनके चेहरे की हवइयां ऐसी उड़ी की हलक से मदद को आवाज तक नहीं निकल सकी।
शरीर ऐसा कांप रहा था मानो सौ डिग्री का बुखार चढ़ गया हो। कपड़े पसीने से तरबतर हो गए। कर्मचारियों की हालत पर 'एक तरफ कुआ तो दूसरी तरफ खाई' मुहावरा चरितार्थ हो रहा था। कर्मचारियों में अफरा-मच गई। जान बचाने के लिए वे इधर-उधर दौड़ लगाने लगे लेकिन दोनों ही तरफ से काल के दूतों ने घेर रखा था। आखिरकार एक कर्मचारी ने हिम्मत दिखाकर वन्यजीव प्रेमी को फोन पर सूचना दी। थोड़ी देर में वन्यजीव प्रेमी आमीर को मौके पर देख कर्मचारियों की जान में जान आई।
दरअसल राणा प्रताप सागर बांध ( Rana Pratap Sagar Dam ) की पुलिया पर रात 12 बजे 7 फीट लंबा अजगर ( python snake ) और बांध के दूसरे छोर पर 8 फीट लंबा मगरमच्छ ( crocodile ) आ गया। दोनों वन्यजीव तेजी से कर्मचारियों की ओर बढऩे लगे। वहां ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की इन पर नजर पड़ी तो हड़कम्प मच गया। जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे लेकिन दोनों ही तरफ खतरा होने से वे डर से सहम गए। बाद में हिम्मत कर कर्मचारियों ने वन्यजीव प्रेमी आमीर खान को सूचना दी।
इस पर आमीर तुरंत मौके पर पहुंचे और आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़ लिया और वन क्षेत्र में छोड़ दिया। इसी दौरान बांध के दूसरे छोर पर स्थित बैरियर गेट पर मगरमच्छ निकलने की सूचना मिलने पर आमीर ने हरपाल सिंह, नासीर को भी मौके पर बुलाया। सभी ने एक घंटे से ज्यादा समय तक रेस्क्यू कर मगरमच्छ को पकडऩे के बाद चम्बल घाट पर सुरक्षित छोड़ा।
Published on:
05 Aug 2019 08:00 am
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