
फाइल फोटो पत्रिका
Railways : भारतीय रेलवे की ओर से दिव्यांग यात्रियों को सुलभ, सुरक्षित और किफायती यात्रा देने के लिए 616 रियायती कार्ड जारी किए गए हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान अप्रेल से अब तक कोटा मंडल की ओर से अलग-अलग श्रेणी में 616 दिव्यांग रियायती कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, सितंबर माह में ही 110 कार्ड जारी किए गए हैं। यह पहल दिव्यांगों के लिए रेलवे यात्रा को और अधिक सहज, सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दिव्यांग सेल प्रभारी जयराम मीणा ने बताया कि रियायती प्रमाण पत्र के प्रारूप में बदलाव किया गया है। दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप बनाया गया है। भारतीय रेलवे की ओर से दृष्टिहीन, मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा शारीरिक रूप से दिव्यांग यात्रियों को 25 से 75 फीसदी तक किराए में विशेष छूट प्रदान की जाती है। पूर्व में इन चारों श्रेणियों के लिए एक ही प्रारूप (फॉर्म) का उपयोग किया जाता था, परंतु अब रेलवे ने दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप (एनेसचर-1) तथा अन्य श्रेणियों के लिए अलग प्रारूप (एनेसचर-2) जारी किया है। विशेष रूप से दृष्टिहीनता की 90 फीसदी या उससे अधिक स्तर पर भी रियायत का प्रावधान किया गया है, जो दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है।
यदि दिव्यांग यात्री के साथ कोई सहयोगी यात्रा करता है तो उसे भी समान रियायत दी जाएगी। रियायत कार्ड की जानकारी रेलवे के सॉफ्टवेयर में अपडेट कर दी जाती है, जिससे टिकट बुकिंग के समय कार्ड की फोटो कॉपी प्रस्तुत कर आसानी से छूट का लाभ लिया जा सकता है। यह सुविधा ई-टिकट बुकिंग के दौरान भी उपलध है।
जयराम मीणा ने बताया कि ने बताया कि दिव्यांग रियायत कार्ड बनाने के लिए जिला चिकित्सा अस्पताल की ओर से जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र, पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले सरकारी अस्पताल से बिना सहयोगी के यात्रा करने में असमर्थतता रेलवे रियायत प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण पत्र,पासपोर्ट आकार का फोटो के साथ भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर अपलोड कर सकता है। सत्यापन के बाद कार्ड जारी कर आवेदक को एसएमएस से इसकी जानकारी दी जाएगी।
Updated on:
12 Oct 2025 08:12 am
Published on:
12 Oct 2025 08:12 am
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