18 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं बिकेगा राजस्थान का छबड़ा और कालीसिंध पावर प्लांट

kota news, kota hindi news: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में छबड़ा और कालीसिंध तापीय विद्युत गृह का विनिवेश नहीं किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।
2 min read
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Jun 27, 2019

chhattisgarh power plants

बिजली उत्पादन करने में छत्तीसगढ़ ने रचा कीर्तिमान, देश में अव्वल

कोटा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm Ashok Gehlot ) अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय ( Chief minister's office ) में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक ( cabinet meeting ) में कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। छबड़ा और कालीसिंध तापीय विद्युत गृह ( Chhabra And Kalisindh power plants ) की परिचालन कार्य क्षमता और वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने के कारण राज्य कैबिनेट ने इन दोनों पावर स्टेशनों का विनिवेश ( disinvestment ) नहीं किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। पिछली सरकार ने फैसले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सरकार ने तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 245 पद खत्म कर दिए थे। जिसके विरोध में थर्मल अभियंताओं ने पिछले दिनों आंदोलन शुरू किया था। पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश के ऊर्जा संयंत्रों को बेचने और निजीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

BIG News: कोटा की राख बन गई सोना, मोदी सरकार ने लगा दी कीमत, पढि़ए खास खबर


सरकार ने 18 जून 2018 को आदेश जारी कर सहायक अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक तकनीकी अधिकारियों के 151 और अधीनस्थ तकनीकी कर्मचारियों के 94 पद खत्म किए थे। सरकार ने इसकी भनक तक नहीं लगने दी, लेकिन जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ( Congress government ) बनी तो ऊर्जा विभाग ने खत्म हुए पदों के आधार पर कार्मिकों के तबादले शुरू कर दिए, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। राजस्थान पत्रिका ने 21 जून के अंक इस मामले को प्रमुखता से उजागर किया था। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पंकज मेहता ने बताया क गहलेात सरकार ने विनिवेश नहीं करने का प्रस्ताव पारित कर संदेह को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 30 जून को छबड़ा में दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों का लोकार्पण करने आ रहे है।

murder Expose: दोस्त की पत्नी पर डाली बूरी नजर तो कुल्हाड़ी से काट उतार डाला मौत के घाट

सरकारी प्लांटों का विनिवेश आत्मघाती

उल्लेखनीय है कि भारतीय लेखा व महानिरीक्षक (सीएजी) की ऑडिट रिपोर्ट में राज्य विद्युत उत्पादन निगम के सभी पॉवर प्लांटों का विनिवेश करना आत्मघाती कदम बताया था। 17 फरवरी,2017 को उर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव को दी गई ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि राज्य सरकार व आरवीयूएनएल अपने संयंत्रों से सस्ती बिजली की उपलब्धता को देखते हुए उनके ऑपरेशन सिस्टम को पुनगर्ठित व मजबूत करे। अर्नेस्ट एवं यंग कंपनी की सिफारिश पर राज्य सरकार व आरवीयूएनएल ने कालीसिंध एवं छबड़ा थर्मलमें राज्य सरकार की इक्विटी को किसी सरकारी या निजी कंपनी में विनिवेश करने के लिये 23 फरवरी,2016 को भाजपा सरकार ने इसे स्वीकृति दे दी थी, जिस पर गहलोत सरकार ने रोक लगा दी है।