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अफीम किसानों और तस्करों का पैसा दलाल कैसे पहुंचता नारकोटिक्स और पुलिस अफसरों की जेब में, एसीबी ने खोला राज

कोटा व राजसंमद एसीबी का ऑपरेशन काला सोना के तहत कार्रवाई कर चित्तौडग़ढ़ नारकोटिक्स ब्यूरो से दलाल को गिरफ्तार कर करोडों का खेल उजागर कि‍या है।
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कोटा

•

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Zuber Khan

•

Apr 25, 2019

Operation Black Gold

अफीम किसानों और तस्करों का पैसा दलाल कैसे पहुंचता नारकोटिक्स और पुलिस अफसरों की जेब में, एसीबी ने खोला राज

दलाल छगन था अधिकारियों, किसानों, तस्करों व पुलिस अधिकारियों के बीच की कड़ी
- एसीबी मामले में जुड़े अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी सबूत जुटा रही
- कोटा व राजसंमद एसीबी का ऑपरेशन काला सोना

कोटा. Kota ACB की ओर से चित्तौडगढ़़ नारकोटिक्स ब्यूरो में करीब 20 दिन पहले की गई कार्रवाई के मामले में पुलिस ने मामले के गिरफ्तार किए गए आरोपी दलाल व उससे पूर्व में बरामद दस्तावेज में मिले रिकार्ड व सबूतों के आधार पर आरोपी से रिमांड के तहत पूछताछ शुरू कर दी है। ACB मामले में कड़ी से कड़ी जोड़कर सबूत जुटा रही है। एसीबी मामले के केन्द्र बिन्दु दलाल छगन से मामले में हर एंगल से पूछताछ कर रही है।

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छगन के Narcotics के अलावा Police व smugglers के अलावा अफीम ( opium ) काश्तकारों से अच्छे संबंध थे। ऐसे में वह इस पूरे रैकेट की धुरी के रूप में काम कर रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में करोड़ों के खेल होने की बात सामने आ रही है। एसीबी को छगन से मिले दस्तावेजों से अफीम काश्तकारों से उगाही कर अधिकारियों तक पहुंचाने की बात सामने आई है। अधिकारियों व दलालों की आपसी सांठ-गांठ के बारे में ACB के पास सर्विलांस सिस्टम के अलावा अन्य सबूत भी हैं। इस आधार पर आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।

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यह था मामला

नारकोटिक्स के चित्तौड़ व प्रतापगढ़ कार्यालयों में अफीम के मामले में गंभीर गड़बडिय़ों की शिकायत पर एसीबी ने 3 अपे्रल की रात 12 बजे बाद छापामार कार्रवाई की थी। कोटा एसीबी ने शिकायत मिलने पर करीब ढाई माह तक इसकी तैयारी की। एसीबी ने संदेहास्पद अधिकारियों को सर्विलांस पर लिया। इसके अलावा चित्तौडगढ़़ के कई फेरे लगाकर सबूत जुटाए। निलम्बित तत्कालीन नारकोटिक्स आयुक्त डा.सहीराम मीणा 3 अप्रेल को जैसे ही जमानत पर छूटा। ठीक इसी दिन टीम कार्रवाई के लिए चित्तौड़ पहुंच गई तथा रात होते-होते एसीबी की टीमों ने पुलिस के साथ छाप मार दिया।

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एसीबी के तीन टीमों को कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चन्द्रशील, निरीक्षक अजीत बगडोलिया व दलबीर सिंह लीड कर रहे थे। एसीबी कोटा व राजसमंद व स्थानीय पुलिस की सहायता से प्रतापगढ़ के नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक सुधीर यादव से 15 ग्राम स्मैक, एसआई भानु 2 लाख 30 हजार रुपए, दलाल किशन व छगन को गिरफ्तार किया था। मिलीभगत करने के मामले में दूसरे दलाल हवलदार प्रवीण को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 25 बोतल महंगी विदेशी शराब व उसके कोटा स्थित आवास से तीन खातों में 72 लाख रुपए का हिसाब बरामद किया था। छगन के घर से भारी मात्रा में अफीम, डोडा चूरा व अवैध हथियार बरामद किए थे।