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कोटा के शायरों का सियासतदारों पर तंज: ‘कलफ का कुर्ता मेरी पहचान लेकिन दिल है बेईमान, मैं नेता हूं…
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कोटा के शायरों का सियासतदारों पर तंज: ‘कलफ का कुर्ता मेरी पहचान लेकिन दिल है बेईमान, मैं नेता हूं…

'कलफ का कुर्ता मेरी पहचान है, अंदर जो दिल है बेईमान है और 'संग अपने कुछ खुकार रखता हूं, मैं नेता हूं इतना तो अधिकार रखता हूं...
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कोटा

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Zuber Khan

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Apr 15, 2019

– अपनी रचनाएं सुना लोगों को मतदान के लिए किया जागरुक

कोटा. ‘बुरा लग रहा था कि मैं उसकी आंखों में खल रहा था, सितम तो यह है कि मुझे सब पता चल रहा था… सियासी सीजन में कोटा के युवा शायरों का दीवान सजा तो सियासत के दस्तूर से लेकर चुनावी रवायतों और आवाम की मजबूरियों पर शब्द बांणों की खुली बौछार हुई। हक और हकूक हासिल करने के लिए मिला मतदान का मौका किसी भी सूरत में न चूक जाए, इसलिए patrika.com , Kota City ब्लॉग और Open my club के इस साझा आयोजन आवाम को जगाने की जोरदार कोशिश हुई।

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महफिल ए चुनाव की शुरुआत करते हुए युवा शायर अजय सिंह सोलंकी ने सियासतदारों पर जमकर तंज कसे। उन्होंने जैसे ही अपनी कविता ‘कलफ का कुर्ता मेरी पहचान है, अंदर जो दिल है बेईमान है और ‘संग अपने कुछ खुकार रखता हूं, मैं नेता हूं इतना तो अधिकार रखता हूं… सुनाई तो युवा श्रोताओं से खचाखच भरा द मग लाउंज तालियों की गडगड़़ाहट से गूंज उठा।

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‘सरहदों की लड़ाई अब मिटा देते हैं, तलवार मैं भी रखता हूं खंजर तुम भी रखो… के जरिए युवा शायर कुमार दिव्यंम ने सियासी दगाबाजी पर तीखे तंज कसे। वहीं सीए लतिका गांधी ने ‘मं तो बस सच बोलती हूं.., कविता के जरिए सियासी झूठ का खूब खुलासा किया। विरोधियों के कुचलने के नाम पर अभिव्यक्ति की आजादी पर हो रहे हमलों का आशुतोष योगी ने अपनी कविता ‘ वो कहते हैं कि छोड़ दे ये कलम बस तेरा मरना बाकी है, मैं लिखूंगा संघर्ष की कहानी अभी तो विचारों का पूरा समंदर बाकी है… के जरिए मुंहतोड़ जवाब दिया। शुभ शर्मा ने ‘बली चढ़ता है वह मजहब की किसी राजनेता का वो काम कर जाते हैं और ‘वोट के लालच और धर्म की कूटनीति में, जलती है खून की होली इस राजनीति में कविता के जरिए जीएस शेखावत ने धर्म और जाति की राजनीति को जनता के कटघरे में खड़ा कर दिया।

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कई घंटों तक जली महफिल ए सुखन की शमा को महेश पंचोली, अपर्णा, अभिषेक सिंघल, सुरेंद्र केवट, अंकुर शर्मा, अदनान अहमद, राधे डांगी, हुसैन, संदीप सेन, राइना पोरवाल, इरफान, इंद्रा मदाम और मुग्धा शर्मा आदि कोटा के नवोदित कवि और शायरों ने कई घंटों तक रोशन रखा। इस दौरान कोटा सिटी ब्लॉग के फाउंडर आरव और द मग के संचालक अक्षित सोरल ने सभी श्रोताओं से खुद वोट डालने के साथ कम से कम 20-20 लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने का भी संकल्प करवाया।