
कई सरकारें आई और गई, कोटा के इस इलाके से हमेशा सौतेला व्यव्हार
कोटा. उच्च शिक्षा के प्रति दो दशक से सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने रामगंजमंडी में महाविद्यालय तो खोला हुआ है, लेकिन 20 साल में उसमें सेक्शन बढ़ाने व नए विषय खोलने की जहमत नहीं उठाई।
सेक्शन नहीं बढऩे से अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को महाविद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। बच्चों के बाहर जाकर पढ़ाई करने से अभिभवकों की जेब ढीली हो रही है।
कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय में कुल 160 सीटें हैं, जबकि दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक होती है, पिछले साल ही 700 आवेदन आए।
यहां प्रतिवर्ष सीनियर सैकण्डरी विद्यालयों से एक हजार विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर उच्च शिक्षा में दाखिले के दावेदार हो जाते हैं। सरकारी महाविद्यालय में सीटें कम होने से कला व वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को निजी महाविद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है। कला के कई विद्यार्थी स्वयंपाठी के रूप में परीक्षामें बैठते हैं। विज्ञान संकाय नहीं होने से इसके विद्यार्थियों कोटा जाना पड़ता है।
कोटा या झालावाड़ का रुख
यहां वर्ष 1999 में तत्कालीन खाद्य आपूर्ति मंत्री रामकिशन वर्मा ने राजकीय महाविद्यालय खुलवाया था। बजट का अभाव बताने पर वर्मा ने विधायक कोष से भवन निर्माण कराया।
कक्षाएं चालू हुई तो कला व वाणिज्य संकाय के लिए 80-80 सीट के सेक्शन खोले गए। बीते 19 साल में जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकार ने इसके प्रति उदासीनता ही बरती। व्यवस्था उसी ढर्रे पर चल रही है।
महाविद्यालय में प्रवेश के लिए लंबी फेहरिस्त की कटऑफ सूची जारी होती है। अच्छे अंक वाले विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। कॉलेज शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को कोटा या झालावाड़ जाना पड़ता है।
इनकी दरकार
महाविद्यालय में वाणिज्य, कला संकाय है। कला संकाय में राजनीतिक विज्ञान, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, अंग्रेजी साहित्य, गृह विज्ञान, चित्रकला, अर्थशास्त्र जैसे विषय संकाय में नहीं बढ़ाने की जरूरत है। विज्ञान संकाय भी खोलने की जरूरत है।
रामगंजमंडी से सौतेला व्यवहार
राज्य सरकार ने गत वर्ष सांगोद, इटावा, रावतभाटा, खानपुर, पिड़ावा, मनोहरथाना, चौमहला सहित एक दर्जन महाविद्यालय हाड़ौती में खोले। इनमें वाणिज्य व कला संकाय के दो-दो सेक्शन खोले गए। भवानीमंडी में विज्ञान संकाय खोल दिया गया। रामगंजमंडी कॉलेज में संकाय में बढ़ोतरी तक नहीं हुई।
Published on:
28 Jun 2018 11:13 am
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