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चप्पे-चप्पे पर रहेगी तीसरी आंख की नजर

विशिष्ट श्रेणी की धनिया मंडी परिसर का हर हिस्सा अब तीसरी आंख की नजर में रहेगा। सीसीटीवी कैमरों का संचालन करने के लिए पूरे मंडी प्रांगण में फाइबर केबल बिछाई गई है। वर्तमान में धनिया मंडी में 54 कैमरे लगे हुए है। इसके बावजूद कई हिस्से तीसरी नजर से दूर है। जिसमें अब कैमरे लगाने की कवायद मंडी समिति प्रशासन ने शुरू कर दी।
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कोटा

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Krishan Kumar Tholmbia

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Updated: 6 May 2022, 3:53 PM IST

चप्पे-चप्पे पर रहेगी तीसरी आंख की नजर

चप्पे-चप्पे पर रहेगी तीसरी आंख की नजर

रामगंजमंडी (कोटा) विशिष्ट श्रेणी की धनिया मंडी परिसर का हर हिस्सा अब तीसरी आंख की नजर में रहेगा। सीसीटीवी कैमरों का संचालन करने के लिए पूरे मंडी प्रांगण में फाइबर केबल बिछाई गई है। वर्तमान में धनिया मंडी में 54 कैमरे लगे हुए है। इसके बावजूद कई हिस्से तीसरी नजर से दूर है। जिसमें अब कैमरे लगाने की कवायद मंडी समिति प्रशासन ने शुरू कर दी।


रामगंजमंडी की प्रमुख ङ्क्षजस मंडी में लंबे समय से सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। कैमरों की मदद से ही कई चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है। हालांकि कुछ ऐसी कई चोरी की वारदातों का सुराग नहीं लग पाया जो कैमरे की नजर में नहीं थी। मंडी प्रांगण में होने वाली ऐसी चोरी की वारदातों की रोकथाम के लिए मंडी प्रशासन की तरफ से इस बार पुख्ता बंदोबस्त किए जा रहे है। इसी कड़ी में सभी जगहों का चिन्हिकरण कर वहां भी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। व्यापारियों के साथ ग्रेन सीड्स मर्चेन्ट एसोसिएशन को भी इस मामले में लिखा गया है। कैमरों का सफल संचालन करने के लिए मंडी परिसर में फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। सीसीटीवी कैमरे अब किस जगह लगाने है, इसकी सूची बनने के साथ निविदा प्रक्रिया को अमल में लाकर आगे की कार्यवाही को प्रारंभ किया जाएगा। मंडी में नए कैमरे लगने के बाद चोरी की नियत से आने वाला व्यक्ति किस रास्ते से आया और किस रास्ते से वापस गया। किस तरह से उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया इसका सचित्र वर्णन कैमरे में नजर आने के साथ चोरी करने वाले लोग पूरी तरह से बेनकाब हो सकेंगे। यहां कैमरे उच्च क्षमता के लगे हुए है।

मंडी करीब 85 बीघा क्षेत्रफल में फैली हुई है और मंडी में करीब 177 दुकानें है। जिन्हें मंडी समिति ने व्यापारियों को आवंटित की हुई है। मंडी में कई व्यापारियोंं की ओर से सीजन के समय में खरीदी हुई ङ्क्षजस को दुकानों के आगे बने प्लेटफार्म व शेड़ के नीचे रखा जाता है। अक्सर सीजन के समय में चोर धनिया मंडी में चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। रात के समय में वह मंडी प्रांगण में आकर सूनी पड़ी बोरियों को उठाकर ले जाते हैं और दीवार फांदकर भाग जाते हैं। कुछ ऐसी घटनाएं भी यहां हुई है, जिसमें व्यापारी की ङ्क्षजस की बोरियों को उठाकर दूसरी जगह रखने व दूसरे दिन उसे खुली नीलामी में ढेर करके बेचने की कोशिश होती है। कैमरे जहां लगे है उनकी नजर में मामला आने पर उसका खुलासा अक्सर हो जाता है तो कुछ वारदातों की जानकारी कैमरे के अभाव में नहीं होती।

मंडी समिति ने व्यापारियों को लिखा पत्र मंडी सचिव दिवाकर दाधीच ने बताया कि मंडी प्रांगण के अंदर होने वाली चोरी की वारदातों को रोकने के लिए व्यापारियों के साथ व्यापार संघ को पत्र लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि मंडी की अधिकांश दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए नहीं है। इन दुकानों पर कैमरे लगवाएं जाए। व्यापार संघ ने भी व्यापारियों को इस मामले में आगाह किया है। दाधीच ने बताया कि मंडी में छूटे हुए यार्ड वालों हिस्सों में कैमरे लगाने की योजना है, जिस पर शीघ्र कार्यवाही होगी।