
चुनाव ऐसा मानो जीतते ही मंत्री बन जाएंगे..चुनाव प्रचार के तरीके देख हैरान रह जाएंगे आप
कोटा .वो दौर बीत गया जब चुनावों में समर्थन जुटाने के लिए भोज का आयोजन होता था, पूड़ी सब्जियों के लंगर चला करते थे। अब नए जमाने के युवा नेता विद्यार्थियों को लुभाने के लिए नए तौर तरीके इजाद कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा कोटा में मौजूदा छात्रसंघ चुनावों में भी देखने को मिल रहा है। लिंगदोह कमिटी के नियमों को ताक पर रख युवा नेता इन चुनावों को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ कर बेहिसाब पैसा बहा रहे हैं।
पूल पार्टी का आयोजन
कोटा विश्वविद्यालय के एक छात्र संगठन से जुड़े प्रत्याशी ने अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए बारां रोड पर पूल पार्टी का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दिनभर यहां छात्र डीजे पर थिरकते हुए नजर आए। विद्यार्थियों को लाने ले जाने और भोजन की व्यवस्था भी प्रत्याशी की तरफ से ही की गई।
चुनावी मंगल के लिए फिल्मी मिशन
विरोधी की पूल पार्टी के पैंतरे की काट के लिए दूसरे गुट ने फिल्म का सहारा लिया। शनिवार को कोटा विवि से ही जुड़े दूसरे छात्रसंघ गुट की ओर से विद्यार्थियों को फिल्म दिखाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। शहर के एक सिनेमाघर में मिशन मंगल और बाटला हाऊस के पूरे शो बुक किए गए ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को फिल्म दिखाई जा सके।
दिन भर चलते हैं जीमण
छात्रसंघ संगठनों द्वारा विद्यार्थियों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था भी रहती है। लंच और डिनर दोनों का बंदोबस्त है। फील्ड में रहने वाले छात्रों के लिए फुड पैकेट भिजवाए जाते हैं।
बल्क मैसेजिंग का ले रहे सहारा
प्रशासन की नजरों से बचने के लिए छात्र संगठन तकनीक का भी सहारा ले रहे हैं। सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए वाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, लेकिन किसी आयोजन की सूचना के लिए बल्क मैसेजिंग का सहारा ले रहे हैं ।
5 से 10 लाख का बजट
चुनावी खर्च का अनुमान लगाए तो प्रत्याशी जितना पैसा इन चुनावों में पैसा बहा रहे हैं उतनी राशि में एक स्टार्टअप शुरू हो सकता है। कुछ एक प्रत्याशियों को छोड़ दे तो ज्यादातर का बजट 5 से 10 लाख के बीच में है।
Updated on:
25 Aug 2019 07:00 pm
Published on:
25 Aug 2019 07:00 pm
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