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टेल के खेत सूखे, नहीं हो रही सुनवाई

कोटा . नहरी रेगुलेशन को लेकर बुधवार को सीएडी सभागार में चम्बल परियोजना समिति की बैठक सभापति सुनील गालव की अध्यक्षता में हुई।
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कोटा

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Anil Sharma

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Updated: 2 Nov 2017, 1:32 AM IST

Kota Metting

चम्बल परियोजना समिति की बैठक

कोटा . नहरी रेगुलेशन को लेकर बुधवार को सीएडी सभागार में चम्बल परियोजना समिति की बैठक सभापति सुनील गालव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में समितियों के अध्यक्षों ने टेल तक समय पर पानी नहीं पहुंचने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। उन्होंने विभाग के अभियंताओं पर सुनवाई नहींं करने के आरोप लगाए।
सभापति सुनील गालव ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान को मिलने वाले पानी का रोटेशन तय होना चाहिए। मध्यप्रदेश के दबाव में राजस्थान के टेल क्षेत्र के खेत सूखे रह जाते हैं। इस पर मुख्य अभियंता चौधरी ने संभागीय आयुक्त से बात करने का आश्वासन दिया। बैठक में सीएडी जयपुर मुख्यालय के मुख्य अभियंता चौथमल चौधरी, एसई जितेंद्र लुहाडि़या, सुरेेंंद्र बीजावत, एक्सईएन, एईन, जल उपयोक्ता संगम समितियों के अध्यक्ष मौजूद थे।
पानी नहीं मिला तो बजा देंगे ईंट से ईंट
बैठक में इटावा के अध्यक्ष अर्जुनलाल मीणा, बरनाहाळी समिति के अध्यक्ष नागाराम गुर्जर ने कहा कि सांसद बिरला के सामने अभियंताओं ने २० अक्टूबर को २४ घंटे में टेल तक पानी पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक पानी नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि अब भी टेल क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचा तो सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। उपसभापति अशोक नंदवाना ने कहा कि मानसगांव डिस्टरीब्यूटरी में अभी केवल 20 प्रतिशत खेतों में ही पानी पहुंचा है। अधिकांश जमीन सूखी है। बाजड़ के कुलदीप सिंह ने कहा कि बाजड़ क्षेत्र की एबरार, सुंवासा, भूमाहेड़ा अंथड़ा माइनर के कई खेत अभी भी सूखे हैं।
कहां जमा कराएं सिंचाई शुल्क
किशनपुरा ब्रांच के जल वितरण समिति अध्यक्ष अब्दुल हमीद गौड़ ने बताया कि वाटर मास्टरों द्वारा किसानों से वसूला गया सिंचाई शुल्क के चालान बैंक जमा नहीं कर रहा। एेसे में किसान 100-50 रुपए के सिंचाई शुल्क के चेक कहां जमा कराएं।
नेताओं के इशारे पर चल रही नहरें
अध्यक्ष रणवीर सिंह झाला ने कहा कि नहरों के रेगुलेशन में राजनीति हावी है। समितियो के अध्यक्षों की कोई पूछ परख नहीं है। नेताओं के इशारे पर नहरों का संचालन किया जा रहा है। जबकि इरीगेशन मैंनेजमेंट एक्ट जनप्रतिनिधियों में दखल का कोई प्रावधान नहीं है।