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व्यापारी ने उधार लिया 15 लाख, 2.50 करोड़ दे चुका ब्याज, फिर भी सूदखोर मांग रहा 60 लाख

kota news, Crime news, usury: शहर में चल रहे ब्याज के खेल में ऐसे-ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।
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कोटा

•

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Zuber Khan

•

Jul 13, 2019

Rupees

rupees

कोटा. शहर में चल रहे ब्याज ( interest ) के खेल में ऐसे-ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। ऐसे मामले पुलिस तक भी जाते हैं और पुलिस ( police ) भी राजीनामे की सलाह देकर अपना काम पूरा कर लेती है। इसकी वजह से ही सूदखोरी ( Terror ) का यह धंधा फल-फूल रहा है। एक सैनेटरी व्यवसायी ( Sanitary businessman ) का मामला सामने आया है। इसमें पन्द्रह लाख रुपए की उधारी की एवज में वह ढाई करोड़ का ब्याज ( 2.50 crore Rupees interest ) दे चुका है, इसके बाद भी उसका कर्ज पूरा नहीं हुआ।

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श्रीनाथपुरम निवासी मनीष खण्डेलवाल सूदखोर के जाल में ऐसे फंसे कि उन्हें अब लगने लग गया कि पूरी जिंदगी सूदखोर ( Terror ) को ब्याज चुकाने में ही निकल जाएगी। मनीष ने रंगबाड़ी निवासी शराब ठेकेदार से 8 साल पहले 15 लाख रुपए ब्याज पर क्या ले लिए उसकी जिंदगी ही तबाह हो गई।

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पिछले आठ साल में 15 लाख का करीब ढाई करोड़ रुपए ब्याज दे चुका है और अभी भी सूदखोर मूल तो दूर ब्याज के साठ लाख रुपए मांग रहा है। सूदखोर के जाल में फंसने के बाद स्वयं की केशवपुुरा चौराहा स्थित दुकान, तीन मकान, गाड़ी व पत्नी के जेवर सहित पुश्तैनी दो किलो सोना भी बिक चुका है। अब जैसे-तैसे नयागांव में सैनेटरी की दुकान चलाकर ब्याज चुका रहा है। साथ ही, घर भी।

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ऐसे फंसा जाल में
मनीष खण्डेलवाल ने बताया कि उसकी सैनेटरी की दुकान अच्छी चलती थी। किसी कम्पनी की एजेंसी लेने के लिए रंगबाड़ी निवासी सूदखोर से तीन लाख तीन प्रतिशत ब्याज पर लिया। यह पैसा तीन महिने में चुका दिया। इसके बाद पन्द्रह लाख रुपए एक साल के लिए और लिए। इसके बदले में उसने तीन चार ब्लैंक चेक लिए तथा हर माह एक वर्ष तक 2 लाख रुपए की किस्त बांध दी। एक वर्ष में उसने 24 लाख चुका दिए। आखिरी किस्त तय तारीख के बजाय दस दिन देरी से दी तो सूदखोर ने प्रतिदिन 10 हजार रुपए के हिसाब से 1 लाख की मांग और की। उसने यह राशि नहीं चुकाई तो दो-तीन माह बाद ब्याज के दस लाख जोड़कर उस पर ब्याज चालू कर दिया। उसने ब्लैंक चेकों में एक चेक तो स्वयं ने 20 लाख तथा तीन चेक अपने अन्य साथियों के नाम से 45 लाख रुपए के बैंक में लगा दिए। बैंक में पैसा नहीं होने से चेक बाउंस हो गए। इसके नोटिस भी उन्हें भिजवाए गए हैं। अब कह रहा है कि ब्याज नहीं चुकाया तो तेरी किडनी 50 लाख में बेच दूंगा।

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अब क्या हालात
मनीष ने बताया कि सबकुछ बिक गया, दुकान भी अभी नहीं चल रही, माता-पिता भी अलग रहने लग गए। अब मुझे लग रहा है कि पूरी जिदंगी ब्याज चुकाने के लिए ही कमाना पड़ेगा। परेशान करने का सिलसिला अब भी चल रहा है। पुलिस के पास गया तो वहां भी राजीनामे की सलाह के अलावा कुछ नहीं मिला।