तीसरी इकाई दोपहर दो बजे तक पूरी क्षमता से विद्युत उत्पादन कर रही थी, लेकिन पांच मिनट बाद ही इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन जनरेटर अचानक बंद हो गया। उस वक्त अधिकांश ठेका मजदूर ही विद्युत उत्पादन का काम संभाल रहे थे, जो समय रहते जनरेटर ठीक नहीं कर सके। ग्रिड के लिए सप्लाई बंद होने के कारण यूनिट का टर्बाइन ट्रिप कर गया। इससे पहले कि थर्मल प्रबंधन खराबी ठीक कर पाता पूरी यूनिट ही ठप हो गई। अब यूनिट चालू करने में एक दिन से ज्यादा का समय लग सकता है। इसे दोबारा चालू करने के लिए थर्मल प्रबंधन को करीब 40 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे।