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लॉकडाउन में रेलगाड़ी सबसे ज्यादा यूपी, बिहार के लिए दौड़ी

कोटा जंक्शन सहित देश भर के विभिन्न राज्यों से करीब 4 हजार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई। अब तक 27 दिन में करीब 49 लाख से ज्यादा प्रवासी इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं।
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 Kota Junction

Kota Junction

कोटा. कोटा जंक्शन से सफर करने वाले यात्रियों को कोरोना की जांच के चलते डेढ़ घंटे पहले स्टेशन आना पड़ रहा है। इस कारण स्टेशन के बाहर लंबी कतार लगती है। पश्चिम बंगाल के 1390 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन गुरुवार को दोपहर 3 बजे कोटा से रवाना हुई। ट्रेन के रवाना होने के पूर्व बोरखंडी स्कूल में बनाए गए श्रमिक सहायता केंद्र में सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई और उन्हें नगर निगम की बसों से रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया।
इस दौरान श्रमिकों को पैक भोजन और पानी की बोतलें भी उपलब्ध कराई गईं। अतिरिक्त कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता, उप निदेशक बागवानी खेमराज शर्मा, पर्यटन अधिकारी विकास पंड्या ने उन्हें विदाई दी। रेलवे सूत्रों के अनुसार 2० मई, 2020 तक कोटा जंक्शन सहित देश भर के विभिन्न राज्यों से करीब 4 हजार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई। अब तक 27 दिन में करीब 49 लाख से ज्यादा प्रवासी इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं।
इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को देश भर के विभिन्न राज्यों में समाप्त कर दिया गया था। शीर्ष पांच राज्य जहां अधिकतम ट्रेनें समाप्त हो रही हैं, वे हैं उत्तर प्रदेश में 1392 ट्रेनें, बिहार में 1123 ट्रेनें, झारखंड में 156 ट्रेनें, मध्य प्रदेश में 119 ट्रेनें और ओडीशा के लिए 123 ट्रेनों का संचालन हुआ है।
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आईआरसीटीसी ने यात्रा करने वाले प्रवासियों के बीच 78 लाख से अधिक मुफ्त भोजन और 1.10 करोड़ से अधिक पानी की बोतलें वितरित की। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के अलावा, रेलवे नई दिल्ली से 15 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चला रहा है और उसकी 1 जून, 2020 से समय सारणी के साथ 200 और ट्रेनें चलाने की योजना है।