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कोटा. लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार कोटा आए नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने शनिवार को अपनी टीम के साथ करीब दस घंटे तक शहर में घूमकर जाना कि आगामी पांच साल में कहां-कहां क्या-क्या विकास कार्य हो सकते हैं। विकास कार्यों को कैसे धरातल पर उतारा जा सकता है। क्या चुनौतियां आ सकती हैं। उनसे कैसे निपटा जा सकता है। धारीवाल जब शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से गुजरे तो आम आदमी जिस तरह जाम में फंसता है, उसकी मुसीबत भी जानी और कैसे शहर की जनता को यातायात के बढ़ते दबाव से निजात दिला सकते हैं, इस पर भी विशेषज्ञों से चर्चा की। शहर का नया ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। गुमानपुरा में मल्टीस्टोरी पार्र्किंग की संभावना भी देखी। उन्होंने सुबह सात से शाम पांच बजे तक शहर का दौरा किया।
सूत्रों ने बताया कि धारीवाल जयपुर और दिल्ली के दस आर्किटेक्ट्स की टीम व नगर विकास न्यास के विशेषाधिकारी आर.डी. मीणा के साथ सुबह सात बजे शहर के दौरे पर निकले। सबसे पहले धारीवाल अपनी टीम के साथ अंटाघर चौराहे पर पहुंचे। यहां काफी देर तक ठहरे और विशेषज्ञों से यहां के ट्रैफिक प्लान पर चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गुमानपुरा, कोटड़ी, रामपुरा, बजाजखाना, लाडपुरा, घंटाघर क्षेत्र, एरोड्राम सर्किल, नदीपार क्षेत्र समेत शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का शाम पांच बजे तक दौरा किया। न्यास और नगर निगम के अधिकारियों को भी दौरे में साथ नहीं लिया। दौरा गोपनीय रखा गया। धारीवाल रविवार को भी शहर का दौरा करेंगे।
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संभावनाएं देखी
धारीवाल के विजन पर न्यास व विशेषज्ञों की टीम पिछले दो माह से शहर के विकास का खाका खींचने में जुटी हुई थी। टीम ने जो विकास प्लान तैयार कर धारीवाल को दिया है। उसके आधार पर शहर का दौरा किया और जो प्रोजेक्ट शुरू किए जाने हैं, उनकी संभावनाओं पर मौके पर चर्चा की। नई आवासीय योजना कहां-कहां विकसित हो सकती है। शहर में चल रहे विकास कार्यों को भी देखा और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
न्यास अधिकारियों ने पूर्व में दिए थे सुझाव
- विशेषज्ञों की टीम ने पिछले दिनों दादाबाड़ी फ्लाईओवर का तकनीकी रूप से अध्ययन किया था। इसमें लम्बाई बढ़ाने व स्लीपलेन की चौड़ाई बढ़ाने का सुझाव दिया था।
- कोटा बैराज के समानांतर पुल का भी तकनीकी रूप से अध्ययन किया था। इसमें पाया कि दोनों पुल से वाहन आते हैं। गढ़ पैलेस के पास वाहनों के आने-जाने का एक ही रास्ता है। इस कारण यहां यातायात का खासा दबाव रहता है। यहां रास्ता चौड़ा करने का तकनीकी टीम ने सुझाव दिया है।
- न्यास ने बूंदी जिले के सात गांवों की जमीन का अध्ययन करवाया था। करीब 1800 हैक्टेयर जमीन पर विकास हो सकता है।
- न्यास क्षेत्र में 2000 हैक्टेयर सिवायक जमीन पर होमवर्क शुरू किया है। इस जमीन का क्या-क्या उपयोग हो सकता है, इस पर चर्चा की।
जयपुर और दिल्ली के आठ-दस आर्किटेक्ट के साथ सुबह सात बजे से शहर का दौरा किया है। कहां-कहां क्या-क्या काम शुरू कर सकते हैं, उनकी कैसे क्रियान्विति हो सकती है, इसके बारे में चर्चा की है। किस तरह के प्रोजेक्ट लाएंगे, इसके बारे में अभी खुलासा नहीं किया जा सकता है।
- शांति धारीवाल, नगरीय विकास मंत्री
Updated on:
19 May 2019 01:04 pm
Published on:
19 May 2019 01:04 pm
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