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कई हादसे होने के बाद भी नहीं जागा प्रशासन,सालभर सिर्फ बनाई बातें

नगर निगम और जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण फिर बारिश में शहर में आवारा मवेशियों की समस्या जानलेवा साबित होती दिख रही है।
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 20 Apr 2018, 12:41 PM IST

Cattle

कोटा .

नगर निगम और जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण फिर बारिश में शहर में आवारा मवेशियों की समस्या जानलेवा साबित होती दिख रही है। पूरा साल बीतने वाला है लेकिन निगम ने बातों के अलावा कोई प्रयास नहीं किया।

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पिछले साल बारिश में आवारा मवेशियों के सड़कों पर विचरण करने से शहर में आधा दर्जन लोगों की जान गई, तीन दर्जन लोग घायल हुए। आलम यह कि लोग दिन हो या रात, शहर की सड़कों पर बाइक से जाने से डरने लगे।

समस्या को लेकर हल्ला मचा तो निगम और जिला प्रशासन ने स्थायी समाधान की बात कही थी, लेकिन सालभर में इस मसले पर कोई चर्चा तक नहीं हुई। बंधा धर्मपुरा गोशाला में अभी दो हजार से अधिक गोवंश है। पिछले दिनों पार्षदों ने भी महापौर से इस मामले में कार्य योजना बनाकर काम करने का सुझाव दिया।

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सर्वे हुआ न टैग लगे
महापौर ने पिछले साल कार्य समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पशुपालकों का सर्वे किया जाए और उनके नाम-पते और कितने पशु पाल रखे हैं, इसका रिकॉर्ड संधारण हो। साथ ही प्रत्येक मवेशी पर टैग लगाना था, जिसमें निगम प्रदत्त कोड होता। वह मवेशी सड़क पर विचरण करने पर मालिक की पहचान होती और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती।

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कब कितनी जानें गई
वर्ष 2017
3 जुलाई को जवाहर नगर थाना क्षेत्र में संतोषी नगर निवासी मधु बाई (60) की महावीर नगर तृतीय में मवेशी की टक्कर से मौत हो गई थी।
26 अगस्त को आरकेपुरम् थाना क्षेत्र में रोजड़ी निवासी शशि राठौर(34) की बाइक के सामने श्वान आने से गिरने पर सिर में गम्भीर चोट लगी, मौत हो गई।
25 अगस्त की रात को माला रोड जनकपुरी निवासी एडवोकेट सतविंदर सिंह(45) गाय की टक्कर से घायल हो गए थे। उनके बाएं हाथ में फ्रेक्चर हो गया।
वर्ष 2016
सितम्बर की रात को कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में शम्भूपुरा के पास कार के सामने मवेशी आने से महावीर नगर विस्तार योजना निवासी त्रिभुवन श्रीवास्तव (52) की मौत हो गई।

23 जुलाई को अनंतपुरा थाना क्षेत्र में, 28 जुलाई को महावीर नगर थाना क्षेत्र में व 10 अगस्त को किशोरपुरा थाना क्षेत्र में आवारा मवेशियों की टक्कर से छात्रा अंजना मीणा व निजी स्कूल में शिक्षक कमलेश पारीक की भी मौत हो गई थी।


अध्यक्ष राजस्व समिति महेश गौतम लल्ली ने कहा कि पिछले साल सात हजार से अधिक आवारा मवेशी पकड़े थे, अब यह काम गोशाला अनुभाग को दे दिया है। धरातल पर स्थिति जस की तस है।
अध्यक्ष गोशाला समिति पवन अग्रवाल ने कहा कि आवारा मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई गोशाला बनाने को प्रयासरत हैं लेकिन जमीन नहीं मिली।
महापौर महेश विजय ने कहा कि कार्य समिति की बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या व टैग लगाने के बारे में चर्चा की जाएगी। बैठक में ठोस निर्णय लेंगे।