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World COPD Day: विश्व में 6.5 Crore जिस बीमारी से ग्रसित जानिए उसके लक्षण व बचाव

कोटा. दमा नाम सुनते ही जेहन में सांस फूलने लगती है। (सीओपीडी) यह दमा का ही एक खतरनाक रुप है। यह धुएं की सबसे बड़ी बीमारी है।
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कोटा

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abhishek jain

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Updated: 14 Nov 2017, 9:26 PM IST

World COPD Day

कोटा .

दमा नाम सुनते ही जेहन में सांस फूलने लगती है। (सीओपीडी) यह दमा का ही एक खतरनाक रुप है। यह धुएं की सबसे बड़ी बीमारी है। धुम्रपान या तम्बाकू के धुंए का सेवन इसका प्रमुख कारण है। धुंआ बीड़ी, सिगरेट, चिलम या हुक्के के रुप में हो सकता है। चूल्हे या सिगड़ी के लम्बे समय तक इस्तेमाल से यह रोग उभर सकता है। यह कहना है न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सहायक आचार्य डॉ. राजेन्द्र ताखर का।

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ताखर ने बताया कि हर वर्ष के नवम्बर के तीसरे बुधवार को (सीओपीडी) दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सम्पूर्ण विश्व में करीब 6.5 करोड़ व्यक्ति खतरनाक दमे (सीओपीडी) से ग्रसित हैं और करीब तीस लाख लोगों की हर वर्ष इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है। भारत में इस रोग से मरने वालों की संख्या दुनियाभर में सबसे ज्यादा है। प्रतिवर्ष करीब 556000 लोग इस बीमारी से मर जाते है।

सीओपीडी भारत में ह्दयघात के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। मरीज जब पहली बार चिकित्सक के पास पहुंचता है तब तक करीब 50 प्रतिशत फेफड़े खराब हो चुके होते है। अस्थमा व श्वास रोग विभाग के सहायक प्रो. डॉ. विनोद जांगिड़ ने बताया कि सीओपीडी धू्म्रपान करने वाले व्यक्ति में साधारणतया 40 साल की उम्र के बाद होता है। इसके लिए अपने घर की हवा साफ रखिए और हर तरह से धुंए और तेज गंध से दूर रहिए।

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ऐसे चलता है पता

एक्सरे व स्पाईरोमीटर टेस्ट से समय के साथ-साथ इलाज के अभाव में सीओपीडी रोग की गंभीरता बढ़ती है। सांस फूलने की शुरुआत का अर्थ है सीओपीडी रोग का प्रारंभिक अवस्था से गंभीर अवस्था में प्रवेश।

लक्षण
- सांस में तकलीफ

- पुरानी खांसी

- सांस में घबराहट

- छाती की जकडऩ

- बलगम का बनना

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बचाव

- तम्बाकू, ध्रमपान व शराब को सख्ती से मना करें।

- स्पाइरोमेट्री से अपने फेफड़ों की जांच जरूर कराएं।

- तेज सर्दी से बचे।

- अपने वजन की निगरानी करें।

- पौषटिक भोजन करें। व्यायाम करें।

- चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित दवाइयां लें।