
World Obesity Day 2024 : मोटापा यानी वजन बढ़ना, कहने को ये जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। मोटापा अन्य कई बीमारियों की जड़ है। मोटापे के कारण उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, डाइबिटीज, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, अनिद्रा, फैटी लीवर, जोड़ों की बीमारी व कैंसर होना आम है। हाल ही कोविड के दौरान मोटापे से ग्रसित मरीजों के उपचार में आई जटिलताएं सभी को पता हैं।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार, राजस्थान में मोटापे का प्रतिशत पुरुषों में 13.2 एवं महिलाओं में 14.1 प्रतिशत है। एक मोटे अनुमान के अनुसार, कोटा में हर 10 में से 1-2 मरीज मोटापे से ग्रसित हैं, क्योंकि कोटा में हर साल देशभर के करीब 2 लाख कोचिंग स्टूडेंट मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयार करने आते हैं। ये स्टूडेंट्स फास्ट फूड के शौकीन हैं। एक कारण यह भी सामने आया कि मानसिक तनाव के चलते वे ज्यादा खाना खाते हैं। उनमें शारीरिक व्यायाम की कमी देखने को मिलती है। चिंता की बात यह है कि इसी के चलते यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि मोटापा पूर्णतया नियंत्रण योग्य है। मोटापे से जुड़ी बीमारियों से अवगत कराने एवं इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता लाने के लिए प्रति वर्ष 4 मार्च को विश्व मोटापा दिवस मनाया जाता है।
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मोटापे के कारण
- अत्यधिक वसायुक्त आहार का सेवन।
- शारीरिक व्यायाम की कमी।
- मानसिक तनाव के चलते ज्यादा खाना।
- ज्यादा मात्रा में मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन।
- स्टेरॉयड, इंसुलिन, मधुमेह में प्रयुक्त दवाइयां, मनोरोग संबंधी दवाइयां, अवसाद व मिर्गी रोग में प्रयुक्त दवाइयां वजन बढ़ा सकती हैं।
- थायरॉइड विकार, पीसीओडी मोटापा बढ़ाते हैं।
- आनुवांशिक कारण।
ऐसे पता करें
शरीर के वजन व लंबाई पर आधारित एक फार्मूले से बीएमआई की गणना कर मोटापे का पता लगाया जा सकता है। बीएमआई 18.5 से 24.9 तक स्वस्थ एवं सामान्य अवस्था कही जाती है। 25 से 29.9 वजन की अधिकता को इंगित करता है। 30 से ऊपर बीएमआई मोटापे की श्रेणी में आता है।
खानपान में बदलाव और व्यायाम से बचा जा सकता है
खानपान में बदलाव, व्यायाम व दृढ़ संकल्प ही मोटापे से निजात के मूल मंत्र हैं। साथ ही, प्रतिदिन कैलोरी खपत बढ़ानी है। ज्यादा से ज्यादा फल व सब्जियां खाएं। खाने में मोटे व साबुत अनाज को वरीयता दें। तले हुए वसायुक्त खाने का त्याग करें। अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों की जगह सादा पानी पीएं। वसा रहित दूध व अन्य डेयरी उत्पादों को तरजीह दें। डिब्बाबंद भोज्य व पेय पदार्थों से दूर रहें। नियमित व्यायाम, तेज कदमों से टहलना, तैरना, साइकिल चलाना या किसी खेल सम्बन्धी गतिविधि को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मेडिकल दिशा निर्देशों के अनुसार, एक हफ्ते में 150 मिनट की मध्यम श्रेणी अथवा 75 मिनट की तीव्र श्रेणी एरोबिक शारीरिक गतिविधि आवश्यक है। मानसिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए योग, प्राणायाम, ध्यान का सहारा लें।
डाॅ. पंकज जैन, एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज कोटा
Published on:
04 Mar 2024 10:56 am
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