
काल्पनिक तस्वीर
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखीमपुर खीरी ( Lakimpur Khiri ) सीतापुर जिले के थाना सदना इलाके के गांव हिंडोरा की रहने वाली ज्योति की कहानी किसी सस्पेंस वाली फिल्म से कम नहीं। ज्योति हीरोइन बनने का सपना आंखों में संजोकर घर से निकली थी लेकिन चार दिन बाद ही उसकी लाश उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल की मोर्चरी में मिली।
ज्योति की पहचान नहीं हो रही थी और पुलिस ने शिनाख्त के लिए उसके शव को अस्पताल में रखवा दिया था। इसी बीच सोशल मीडिया के जरिए ज्योति के घर वालों तक यह खबर पहुंची तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। इसके बाद लखीमपुर खीरी पहुंचे परिवार वालों ने 20 वर्षीय बेटी ज्योति गुप्ता के शव को अस्पताल से लिया। पुलिस ने अब इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम के मुताबिक सीतापुर की रहने वाली ज्योति गुप्ता हीरोइन बनने के लिए अपने घर से निकली थी लेकिन दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। जो व्यक्ति ज्योति गुप्ता को हीरोइन बनाने के लिए अपने साथ लेकर गया था वह उसे अस्पताल में छोड़कर भाग गया। तीन दिन तक इसका शव अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा।
रविवार को घर वालों को सोशल मीडिया के माध्यम से ज्योति की मौत की खबर मिली। पोस्टमार्टम में मौत के पीछे की वजह जहरीला पदार्थ बताया जा रहा है। सात जनवरी को गंभीर हालत में ज्योति को जिला अस्पताल लाया गया था। उसे जिला अस्पताल लाने वाले युवक ने अपना नाम और पता गलत लिखवाया और वह भाग गया। मौत होने के बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो रही थी। इसलिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर उसके जानकारी साझा की थी।
Published on:
11 Jan 2021 08:44 pm
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