31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फसल के लिये पानी न मिलने पर किसान कल्याण समिति ने किया प्रदर्शन

बजाज पावर प्लांट पर  बुन्देलखण्ड मजदूर एंव किसान कल्याण समिति ने किया प्रदर्शन।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Akansha Singh

•

Updated: 26 Nov 2016, 1:40 PM IST

police

police

ललितपुर। बजाज पावर प्लांट एक बिजली बनाने की फैक्ट्री है जो कोयले से बिजली बनाती है। यह बिजली बनाने की फैक्ट्री जनपद ललितपुर के थाना बार के अंतर्गत बुरा गांव और चिगलौआ ग्राम के पास किसानों की भूमि को अधिग्रहण करके बनाया गया है, जो एक बजाज कंपनी ने सरकार के सहयोग से बनाया है। इसे चिगलौआ बजाज पॉवर प्लांट भी कहा जाता है।
चिगलौआ बजाज पावर प्लांट के पास आसपास के किसानों और बेरोजगार यूवकों ने एक जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बुन्देलखण्ड मजदूर एवं किसान कल्याण समिति के तत्वाधान में किया गया। समिति ने अपनी चार सूत्रीय मांगों के साथ बजाज पावर प्लान्ट पर जंगी प्रदर्शन किया।

यह समिति विगत चार सालों से अपनी इन मांगों को लेकर प्रदर्शन व संघर्ष कर रही है। सोमवार को हजारों की संख्या में बजाज पावर प्लांट के आसपास के ग्रामीण किसान और बेरोजगार नव युवक एकत्रित होने लगे। समिति के सयोजक मोहन सिंह उर्फ मोहन भइया की अगुवाई में इस प्रदर्शन की रूप रेखा तैयार की गई। बुन्देलखंड मजदूर एवं किसान कल्याण समिति की प्रमुख मांगे -
1) स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्लान्ट में रोजगार देना।
2) स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार एवं आत्म निर्भर बनाने के लिये व्यवसायिक प्रशिक्षण देना।
3) जिले को 24 घन्टे बिजली देना।
4) बजाज पावर प्लान्ट दुवारा घोषित 300 करोड़ ललितपुर के विकास को दिये जायें।
5) ललितपुर के बांधों का पानी बजाज प्लान्ट को नहीं दिया जाये।
आप को बताते चलें कि ललितपुर जनपद के बहुत से ग्रामीण नवयुवक अपना प्रदेश छोड़कर अन्य समीपवर्ती प्रदेशों में रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं और जनपद में कार्यरत बजाज पावर प्लांट में कार्य करने के लिये अन्य प्रदेशों से मजदूर यहां पर लाया जा रहा है। इस समिति के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मौहर भईया ने कहा कि यहां पर हमारे मजदूर भाइयों को काम दिया जाना चाहिए। यह प्रदर्शन जब तक जारी रहेगा तव तक मांगे पूरी नहीं हो जाती। उन्होंने कहा स्थानीय लोग दिल्ली, गुजरात, रोजगार के लिये लोग पलायन कर रहे हैं और यहां के पावर प्लान्ट में बिहार मद्रास एवं अन्य प्रदेशों के लोगों को काम दिया जा रहा है जो कि स्थानीय लोगों के साथ अन्याय है।

इस प्रदर्शन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए है जिससे कोई अनहोनी नहीं हो। जब हमने इस संबंध में बजाज पॉवर प्लांट के पीआरओ से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया की हम कोई भी स्टेटमेन्ट नहीं दे सकते।