
नई दिल्ली। 13 नवंबर को रिलायंस कंयूनिकेशन और रिलायंस टेलीकॉम के लिए बोलिया खुलने जा रही हैं। इन दोनों कंपनियों के लिए आधा दर्जन कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। जिसमें भारती एयरटेल समेत 6 कंपनियां हैं। हैरात की बात तो ये है कि इन कंपनियों में मुकेश अंबानी की कंपनी का नाम नहीं है। मतलब साफ है कि मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इंफोकॉम इस रेस शामिल ही नहीं होना चाहती है। वहीं अनिल अंबानी के लिए एक झटका भी है कि उन्हें उम्मीद थी कि मुकेश अंबानी की कंपनी मदद के लिए सामने आएगी।
इन कंपनियों ने किया आवेदन
आरकॉम और आरटी के लिए जिन कंपनियों ने आवेदन किया है, उसमें भारती एयरटेल, भारती इन्फ्राटेल और प्राइवेट इक्विटी कंपनी वेर्दे पार्टनर्स इंक आदि शामिल हैं। जानकारी के अनुसार आरकॉम को कर्ज देने वाले बैंकों की समिति ये बोलियां 13 नवंबर को खोलेगी। आपको बता दें कि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो आरकॉम रिजॉल्यूशन प्रफेशनल से और 10 दिनों की मोहलत मांगी थी। जबकि बोली लगाने की अंतिम तारीख 11 नवंबर तय थी। जिसकी वजह से मुकेश अंबानी की कंपनी नाम बोली लगाने वाली कंपनियों में शामिल नहीं है।
डेलॉयट है आरकॉम की रिजॉल्यूशन प्रफेशनल
आरकॉम की निलामी से पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने डेलॉयट को कंपनी का रिजॉल्यूशन प्रफेशनल नियुक्त किया था। साथ ही डेलॉयल रिलायंस टेलीकॉम का भी कामकाज देख रही है। एनसीएलटी ने रिजॉल्यूशन प्रफेशनल से 10 जनवरी तक पूरे मामले को निपटाने का आदेश जारी किया है। खास बात तो ये है कि जियो सहित करीब दर्जनभर कंपनियों ने आरकॉम और उसकी इकाइयों के लिए अभिरुचि पत्र दायर किया था।
आरकॉम पर है 46 हजार करोड़ रुपए कर्ज
जानकारी के अनुसार आरकॉम और उसकी यूनिट्स पर करीब 46 हजार करोड़ रुपए कर्ज हैै। दिवालिया अदालत के आदेशों के अनुसार कंपनी की संपत्ति को बेचकर कर्ज को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। अनिल अंबानी की कंपनियों की संपत्ति की बात करें तो स्पेक्ट्रम, टावर, फाइबर आदि शामिल हैं। कंपनी के पास कई रियल एस्टेट एसेट्स भी हैं।
Published on:
13 Nov 2019 11:58 am
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