
मुश्किल में फंस सकते हैं यस बैंक के राणा कपूर, इस काम के लिए कंपनी के पैसे का किया इस्तेमाल
नर्इ दिल्ली। विवादों में चल रही यस बैंक व उसके सह-संस्थापक राणा कपूर के खिलाफ एक आैर खुलासा हुआ है। अारबीआर्इ के फैसले के बाद जनवरी 2019 में बैंक के सीर्इआे व प्रबंध निदेशक के पद से हटने वाले राणा कपूर की इन्वेस्टमेंट कंपनी निवेशकों व नियामक के रडार पर आ सकती है। राणा कपूर की एक निवेश कंपनी पर आरोप लगा है उसने म्यूचुअल फंड से पैसे लेकर इसका इस्तेमाल अपने वित्तीय कंपनी की इक्विटी में निवेश करने के लिए किया है। इसमें कुछ एेसे लेनदेन का का इस्तेमाल किया गया है जिसपर कर्इ तरह के सवाल उठाए जा सकते हैं।
क्या है मामला
राणा कपूर की यस कैपिटल ने बाजार से पैसे लेकर उसका कुछ हिस्सा एअारटी कैपिटल में लगाया है। साथ कर्इ सब्सिडियरीज के माध्यम से भी इस पैसे को आगे एआरटी हाउसिंग फाइनेंस में लगाया गया। इकोनाॅमिक टाइम्स को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एआरटी कैपिटल को इक्विटी के रूप में कर्ज का निवेश यस कैपिटल की बैलेंस शीट में दर्शाया गया है। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों कंपनियों का अंतिम लाभकारी स्वामित्व यस कैपिटल के पास ही है।
क्या है नियम
इस मामले से जुड़े कर्इ विश्लेषकों का मानना है कि यह लेनदेन अनियमित रूप से है लेकिन अवैध नहीं है। किसी भी तरह के कानून के तहत एेसा कोर्इ प्रतिबंध नहीं है लेकिन नियामकों व रिस्क मैनेजर्स इसे सही नहीं मानते हैं। यस कैपिटल एन्युवअ रिपोर्ट के मुताबिक, 712 करोड़ रुपए के कुल निवेश में से 697 करोड़ रुपए एआरटी कैपिटल के पास गया है। साथ ही इसमें से 350 करोड़ रुपए एआरटी हाउसिंग फाइनेंस के पास गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "कपूर परिवार से जेनरेट हुए पैसे से ही एआरटी हाउसिंग फाइनेंस को फंड किया गया है। इसमें व्यक्तिगत स्वामित्व वाले फंड्स का इस्तेमाल किया गया है जिसे यस बैंक सिक्योरिटी के साथ फंड इकट्ठा किया गया था।"
Published on:
28 Nov 2018 03:45 pm
