Transfer HUID क्या है| (representative image) image credit chatgpt
BIS Transfer HUID: सोने के गहने खरीदते समय अक्सर लोगों के मन में उसकी शुद्धता को लेकर कई सवाल आते रहते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने Transfer HUID का नया नियम लागू किया है, जिससे हॉलमार्क वाले सोने के गहनों की ट्रैकिंग पहले की तुलना में काफी ज्यादा आसान हो जाएगी। इससे आपको यह जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी कि आप किस तरह का हॉलमार्क वाला गहना खरीद रहे हैं।
BIS द्वारा शुरू किए गए Transfer HUID नियम के तहत जब कोई सोने का गहना एक ज्वेलर से दूसरे ज्वेलर के पास जाएगा, तो उसके साथ उसका HUID भी BIS Manak Online Portal में ट्रांसफर हो जाएगा। इसी तरह यदि कोई कॉर्पोरेट ज्वेलर अपने एक आउटलेट से दूसरे आउटलेट में गहना भेजता है, तो उस स्थिति में भी HUID का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट कर दिया जाएगा।
जब कोई हॉलमार्क वाला सोने का गहना ग्राहक को बेच दिया जाएगा, तब उसका HUID रिकॉर्ड में "Sold" यानी बेचा गया दिखाई देगा।
हर BIS हॉलमार्क वाले सोने के गहने पर 6 अंकों का एक यूनिक नंबर लिखा होता है, जिसे HUID यानी Hallmark Unique Identification Number कहा जाता है। यह नंबर हर गहने की पहचान बताने के साथ ही उसकी जानकारी को रिकॉर्ड में सुरक्षित रखता है।
Transfer HUID के लागू होने से हॉलमार्क वाले गहनों की पूरी ट्रैकिंग आसान हो जाएगी। इससे गहनों की ट्रैकिंग का रिकॉर्ड बेहतर तरीके से रखा जा सकेगा और HUID के गलत इस्तेमाल की संभावना भी कम होगी। इसके साथ ही गहनों की आवाजाही पर नजर रखना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो जाएगा।
BIS की यह Transfer HUID व्यवस्था 1 जून 2026 से लागू कर दी गई है। फिलहाल यह सुविधा केवल कॉर्पोरेट ज्वेलर्स के लिए लागू की गई है।
सोना खरीदते समय गहने पर BIS हॉलमार्क देखने के बाद ही खरीदें। इसके साथ ही BIS Care App के माध्यम से HUID नंबर की जांच कर उसकी पुष्टि भी जरुर करें।
Published on:
29 Jun 2026 03:54 pm
बड़ी खबरें
View Allलाइफस्टाइल
ट्रेंडिंग
स्वास्थ्य
