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VIDEO : सोने के गहनों का ‘आधार कार्ड’ है HUID: खरीदते समय यह बात ध्यान रखे तो चोरी का Gold आसानी से मिल सकता है

Stolen Gold Video BIS: खोया हुआ या चोरी सोना पाना चाहते हैं तो भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) का ये वीडियो देखिए। साथ ही HUID के बारे में समझिए।
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भारत

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Ravi Gupta

Jun 27, 2026

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BIS Video Stolen Gold | प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo- Gemini AI

Stolen Gold Video : खोया हुआ या चोरी हुआ सोना कैसे मिलेगा? अगर आप इस सवाल का जवाब खोज रहे हैं तो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS- Bureau of Indian Standards) का ये वीडियो आपको देखना चाहिए। यहां पर बताया गया है कि आप खोया हुआ या चोरी का गोल्ड कैसे पा सकते हैं।

चोरी का सोना पाने कासफल उदाहरण: आपको लगेगा कि हम यूं ही यह बात कर रहे हैं। जबकि, हाल ही में इसी HUID ट्रेसिबिलिटी सिस्टम की मदद से 'मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स' (Malabar Gold & Diamonds) ने एक खोई हुई सोने की चूड़ी को ढूंढकर उसके असली मालिक तक सफलतापूर्वक पहुंचाया था।

Sona Chori Hone Par Kaise Milega | देखिए यह वीडियो

सोना खरीदते वक्त ध्यान रखें

आप चाहते हैं कि अगर भविष्य में आपका चोरी हुआ सोना मिल जाए तो HUID वाले गोल्ड की खरीदारी करें। गोल्ड पर एचयूआईडी नंबर, आधार कार्ड के नंबर की तरह यूनिक होता है। ये चोरी हुए सोने को खोजने पर मदद करता है।

  • जब भी सोना खरीदतें तो आप विश्वसनीय और पंजीकृत गोल्ड शॉप से खरीदारी करें।
  • अगर स्वर्णकार (सुनार) HUID नंबर वाले गोल्ड से मना करे तो खरीदारी ना करें।

HUID क्या है?

भारतीय मानक ब्यूरो के मुताबिक, HUID एक 6 अंकों का यूनीक (अक्षरों और नंबरों से मिला हुआ) कोड होता है, जो हॉलमार्क वाले हर गहने पर लेजर के जरिए लिखा जाता है। दुनिया के किसी भी दो गहनों का HUID कोड एक जैसा नहीं हो सकता है, जिससे हर आभूषण की अपनी एक अलग पहचान होती है। मतलब यह गहने की डिजिटल पहचान है।

जैसे- आपने एक सोने की चेन खरीदी। अगर वो किसी ने चोरी कर ली या छिन ली। जब वो बेचने जाएगा तो स्वर्णकार HUID नंबर को चेक करके जान जाएगा कि इसका असली मालिक कौन है। क्योंकि, हर गहने का अलग HUID Number होता है। जब आप कोई HUID वाला गहना खरीदते हैं, तो सुनार उस कोड को अपने रिकॉर्ड और BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) के केंद्रीय डेटाबेस में रजिस्टर कर देता है।

शिकायत दर्ज अवश्य कराएं

सोना चोरी होने पर आप पुलिस को अपनी शिकायत के साथ वह पक्का बिल देते हैं, जिस पर आपके गहने का HUID कोड लिखा होता है। अगर चोर उस गहने को बेचने या गलाने के लिए किसी रजिस्टर्ड सुनार के पास ले जाता है, तो सुनार BIS Care App के जरिए उस HUID कोड को वेरिफाई कर सकता है। ऐप में कोड डालते ही गहने की पूरी हिस्ट्री सामने आ जाएगी कि वह असल में किसके नाम पर और कहां बिका था। इस तरह चोर पकड़ में आ सकता है और चोरी का सोना असली मालिक को मिल सकता है।

अगर पुलिस कहीं से लावारिस या चोरी का सोना बरामद करती है, तो वे सीधे गहने पर लिखे HUID नंबर को 'BIS Care App' में डालकर उस सुनार का पता लगा सकते हैं जिसने उसे बेचा था। सुनार के बिलिंग रिकॉर्ड से पुलिस सीधे असली मालिक (आप) तक पहुंच जाती है और आपका सोना आपको सौंप दिया जाता है।