11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कहीं आपकी मेहनत की कमाई ‘फर्स्ट कॉपी’ पर तो बर्बाद नहीं हो रही? जानें असली ब्रांड पहचानने के 5 तरीके

असली ब्रांड की पहचान:आज के इस लेख में हम ऐसी 5 बातें बताने जा रहे हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर अगर आप लग्जरी ब्रांड की शॉपिंग करेंगे, तो नकली सामान खरीदने से बच जाएंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

2 min read
Google source verification
Identify Fake vs Original

Identify Fake vs Original| image credit gemini

Identify Fake vs Original: आजकल सोशल मीडिया का जमाना है। ट्रेंड फॉलो करने और खुद को बेहतर दिखाने के चक्कर में लोग जरूरत न होने के बावजूद महंगी-महंगी ब्रांडेड चीजें खरीद रहे हैं। लेकिन सोचिए, क्या हो जब आप अपनी महीनों की सेविंग्स लगाकर कोई कीमती चीज खरीदें और इस्तेमाल करते वक्त पता चले कि वह तो फर्स्ट कॉपी या फेक प्रोडक्ट है? यही वजह है कि आजकल स्मार्ट शॉपिंग का दौर है। चाहे आप मॉल से सामान खरीदें या ऑनलाइन, कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आज के इस लेख में हम ऐसी 5 बातें बताने जा रहे हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर अगर आप लग्जरी ब्रांड की शॉपिंग करेंगे, तो नकली सामान खरीदने से बच जाएंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

लोगो की जांच करें

नकली सामान बनाने वाले अक्सर ब्रांड के लोगो या नाम की स्पेलिंग में छोटा सा बदलाव कर देते हैं जिसे लोग जल्दबाजी में नहीं देख पाते। असली ब्रांड का लोगो हमेशा एकदम साफ, सही जगह पर और बिना किसी गड़बड़ी के प्रिंटेड या उभरा हुआ होता है। अगर आपको नाम की स्पेलिंग में एक अक्षर भी इधर-उधर लगे, तो समझ जाइये कि वह नकली है।

सिलाई और फिनिशिंग पर ध्यान दें

लग्जरी ब्रांड्स अपनी फिनिशिंग के लिए जाने जाते हैं। असली ब्रांडेड बैग, जूते या कपड़ों की सिलाई एकदम सीधी और बराबर होगी। कहीं से भी धागा निकला हुआ या सिलाई उखड़ी हुई नहीं दिखेगी। अगर सिलाई टेढ़ी-मेढ़ी है या फिनिशिंग खराब है, तो वह प्रोडक्ट फर्स्ट कॉपी हो सकता है।

पैकेजिंग और ऑथेंटिसिटी कार्ड

महंगे ब्रांड्स अपनी पैकेजिंग पर बहुत पैसा खर्च करते हैं। उनकी बॉक्स क्वालिटी, डस्ट बैग और पेपर वर्क बहुत प्रीमियम होता है। हर लग्जरी प्रोडक्ट के साथ एक ऑथेंटिसिटी कार्ड और सीरियल नंबर आता है। आप उस सीरियल नंबर को ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं कि वह प्रोडक्ट असली है या नहीं।

डिस्काउंट का लालच

अगर कोई आपको 50 हजार का बैग सिर्फ 5-10 हजार में दे रहा है और उसे सेल या एक्सपोर्ट सरप्लस बता रहा है, तो सतर्क हो जाएं। लग्जरी ब्रांड्स कभी भी इतना भारी डिस्काउंट नहीं देते जो उनकी कीमत से बहुत कम हो।

जिपर और बटन्स की क्वालिटी

ब्रांडेड चीजों में इस्तेमाल होने वाले मेटल पार्ट्स जैसे जिप, बटन और हुक का वजन थोड़ा भारी होता है और उनकी चमक काफी समय तक बनी रहती है। नकली सामान में ये चीजें अक्सर हल्की और प्लास्टिक जैसी महसूस होती हैं, और कुछ ही दिनों में इनका रंग काला पड़ने लगता है। जिप खोलते और बंद करते समय अगर अटक रही है, तो वह असली ब्रांड नहीं है।